चालान से बचने के लिए नहीं, जिंदगी बचाने के लिए करें नियमों का पालन! शिवहर डीटीओ ऑफिस में चालकों की लगी क्लास

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प्रशिक्षण शिविर में मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) सुश्री राखी एवं अन्य

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शिवहर में बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. इसमें चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया और सुरक्षित ड्राइविंग के गुर सिखाए गए. जानें क्यों नियमों का पालन जीवन बचाने के लिए है.

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Sheohar Road Safety Training: शिवहर जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष पहल शुरू की है. इसी क्रम में बुधवार को जिला परिवहन कार्यालय परिसर में वाहन चालकों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का मुख्य उद्देश्य चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित ड्राइविंग की आदतें विकसित करना और दुर्घटनाओं में होने वाले जान-माल के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाना रहा. प्रशिक्षण सत्र में बड़ी संख्या में व्यावसायिक और निजी वाहनों के चालकों ने हिस्सा लिया.

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चालान के डर से नहीं, जीवन की रक्षा के लिए अपनाएं नियम: एमवीआई

शिविर को संबोधित करते हुए मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) सुश्री राखी ने चालकों को सुरक्षा का सीधा पाठ पढ़ाया. उन्होंने कहा कि सड़क पर चलते समय बरती गई थोड़ी सी भी सतर्कता और अनुशासन कई अनमोल जिंदगियां बचा सकता है. उन्होंने चालकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन महज पुलिस की कार्रवाई या भारी चालान से बचने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी की सुरक्षा को ध्यान में रखकर इसे अपनी दिनचर्या और आदत का अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए. शिविर के अंत में सभी प्रतिभागी चालकों के उत्साहवर्धन के लिए परिवहन विभाग की ओर से प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए.

ओवरस्पीडिंग और गलत ओवरटेकिंग पर सख्त हिदायत

प्रशिक्षण के दौरान एमवीआई ने सड़कों पर होने वाले अधिकांश हादसों की मुख्य वजहों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने चालकों को ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार), गलत दिशा से ओवरटेकिंग और रेड लाइट या सिग्नल जंपिंग जैसी जानलेवा गलतियों से पूरी तरह बचने की सख्त चेतावनी दी. इसके साथ ही चारपहिया वाहनों में सीटबेल्ट लगाने और दोपहिया वाहनों पर दोनों सवारियों द्वारा अनिवार्य रूप से मानक हेलमेट पहनने के वैज्ञानिक व कानूनी महत्व को समझाया गया.

'गुड सेमेरिटन' कानून और त्वरित प्राथमिक उपचार के गुर

सड़क हादसे के वक्त गोल्डन ऑवर (शुरुआती एक घंटे) की अहमियत बताते हुए प्रशिक्षकों ने चालकों को आपात स्थिति में घायलों को तुरंत फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) देने के तरीके सिखाए. इसके अलावा चालकों को केंद्र सरकार के 'गुड सेमेरिटन' (नेक मददगार) कानून की विस्तृत जानकारी दी गई. उन्हें बताया गया कि दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगारों को पुलिस या कानूनी प्रक्रियाओं से घबराने की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि सरकार ऐसे मददगारों को सम्मानित और प्रोत्साहित करती है.

लंबी दूरी के सफर में तनाव मुक्त ड्राइविंग के टिप्स

प्रशिक्षण के अंतिम चरण में लंबी दूरी तय करने वाले व्यावसायिक व भारी वाहन चालकों को थकान, नींद और मानसिक तनाव से बचने के उपाय बताए गए. चालकों को नियमित अंतराल पर विश्राम लेने और एकाग्रता बनाए रखने के व्यावहारिक सुझाव दिए गए. साथ ही यह भी ताकीद की गई कि सड़क पर अन्य छोटे वाहनों, पैदल यात्रियों और साथी चालकों के प्रति हमेशा धैर्य और सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखें ताकि सड़क सुरक्षित और सुगम बनी रहे.

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