रोहतास के खनेठी मध्य विद्यालय में जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर 301 छात्र, विषयवार शिक्षकों की भी कमी

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इनसेट में स्कूल की जमीन पर बैठकर पढ़ते छात्र व जर्जर स्कूल की तस्वीर

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Sasaram News : रोहतास के मध्य विद्यालय खनेठी की बदहाल शिक्षा व्यवस्था ने सरकार के दावों की पोल खोल दी है. 301 छात्र बेंच-डेस्क के अभाव में जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं. विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक भी उपलब्ध नहीं हैं, और जर्जर भवन छात्रों की सुरक्षा पर खतरा बन रहे हैं.

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Sasaram News : मध्य एवं प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को लेकर सरकार की ओर से लगातार दावे किये जाते हैं, लेकिन करगहर प्रखंड के मध्य विद्यालय खनेठी की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े करती है. विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक कुल 301 छात्र नामांकित हैं, लेकिन पर्याप्त बेंच-डेस्क नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है. वहीं, कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने और विद्यालय परिसर में वर्षों से जर्जर पड़े कमरों के कारण भी विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गयी है.

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बेंच-डेस्क के अभाव में जमीन पर बैठते हैं विद्यार्थी

मध्य विद्यालय खनेठी में कक्षा एक से आठ तक 301 छात्र नामांकित हैं. विद्यालय में पर्याप्त बेंच-डेस्क उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है. छात्रों ने बताया कि गर्मी के दिनों में किसी तरह जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर लेते हैं, लेकिन ठंड और बरसात के मौसम में काफी परेशानी होती है.

कक्षा छह से आठ के विद्यार्थियों को भी नहीं मिल रही सुविधा

विद्यालय में कार्यरत एक शिक्षिका ने बताया कि कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ते देखना फिर भी सामान्य लगता है, लेकिन कक्षा छह, सात और आठ के विद्यार्थियों, खासकर छात्राओं को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते देखना अच्छा नहीं लगता. लंबे समय से बेंच-डेस्क की कमी के कारण विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है.

विज्ञान, गणित और अंग्रेजी समेत कई विषयों के शिक्षक नहीं

विद्यालय में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए हिंदी और सामाजिक विज्ञान को छोड़कर विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और संस्कृत जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक भी उपलब्ध नहीं हैं. इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है. विषयवार शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

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जर्जर तीन कमरों से विद्यार्थियों की सुरक्षा पर खतरा

विद्यालय परिसर में तीन पुराने कमरे वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े हैं. इन कमरों की स्थिति ऐसी है कि इनके कभी भी जमींदोज होने की आशंका बनी हुई है. जर्जर कमरों के आसपास और बगल के कमरे में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है. विद्यालय प्रबंधन की ओर से इन कमरों की मरम्मत या उन्हें हटाने की मांग कई बार विभाग के अधिकारियों के समक्ष रखी जा चुकी है.

जर्जर स्कूल भवन की तस्वीर
जर्जर स्कूल भवन की तस्वीर

प्रधानाध्यापक ने कहा- विभाग को कई बार दी गयी लिखित सूचना

विद्यालय के प्रधानाध्यापक जयवंश राम ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन की ओर से जर्जर कमरों, विषयवार शिक्षकों की कमी और बेंच-डेस्क उपलब्ध कराने को लेकर विभाग के वरीय अधिकारियों को कई बार लिखित रूप से सूचित किया जा चुका है. इसके बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

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बीइओ बोले- बेंच-डेस्क और जर्जर कमरों की जानकारी विभाग को दी गयी

करगहर के बीइओ मनोज कुमार राम ने कहा कि प्रखंड के खनेठी सहित जिन विद्यालयों में बेंच-डेस्क का अभाव है, उनकी जानकारी विभाग को लिखित रूप से दी जा चुकी है. जर्जर कमरों के संबंध में भी विभाग को अवगत कराया गया है. उन्होंने कहा कि जहां तक विषयवार शिक्षकों की कमी का सवाल है, शिक्षकों की नियुक्ति विभाग की ओर से की जाती है.

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