सारण में तीन माह में 16,760 मरीजों को मिली नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा, 12 हजार से अधिक गर्भवती महिलाएं शामिल
फोटो, सदर अस्पताल में मौजूद एम्बुलेंस
सारण जिले में संचालित नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा जीवन रक्षक साबित हो रही है. पिछले तीन महीनों में 16,760 से अधिक मरीजों को इसका लाभ मिला है, जिनमें 12,137 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं. यह सेवा ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बना रही है.
Free Ambulance Service: प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती महिला हो, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति या गंभीर हालत में बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया नवजात, समय पर अस्पताल पहुंचाना कई बार जीवन बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. ऐसे मरीजों के लिए सारण जिले में संचालित नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा बड़ी राहत साबित हो रही है. मई से जुलाई 2026 के बीच महज तीन माह में जिले के 16,760 मरीजों और लाभार्थियों को नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा का लाभ मिला है. इनमें 12,137 गर्भवती महिलाएं, 840 ट्रामा मरीज और 349 नवजात शिशु शामिल हैं.
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुगम और सुलभ बनाने के लिए एंबुलेंस नेटवर्क को मजबूत किया गया है. जरूरतमंद मरीजों को घर से स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने के साथ ही आवश्यकता पड़ने पर एक स्वास्थ्य केंद्र से दूसरे अस्पताल तक रेफर करने में भी यह सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
12 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को मिली सुविधा
मई से जुलाई के बीच जिले में 12,137 गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करायी गयी. इन महिलाओं को घर से स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के साथ ही प्रसव के बाद जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र से घर तक पहुंचाने में भी एंबुलेंस सेवा का उपयोग किया गया. समय पर अस्पताल पहुंचने की सुविधा मिलने से गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को काफी राहत मिल रही है. खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए यह सेवा सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में भी सहायक साबित हो रही है.
840 ट्रामा मरीजों को समय पर पहुंचाया अस्पताल
सड़क दुर्घटना और अन्य आपात स्थितियों में समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है. तीन माह के दौरान 840 ट्रामा मरीजों को एंबुलेंस सेवा के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया. गंभीर मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार बेहतर चिकित्सा संस्थान तक पहुंचाने में एंबुलेंस नेटवर्क की अहम भूमिका रही. आपात स्थिति में तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया के जरिये मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.
349 नवजातों को एसएनसीयू तक पहुंचाया गया
नवजात शिशुओं के लिए भी एंबुलेंस सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. मई से जुलाई के बीच 349 नवजात शिशुओं को एंबुलेंस के माध्यम से प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों से छपरा स्थित एसएनसीयू तक पहुंचाया गया. जरूरतमंद नवजातों को उपचार के बाद एसएनसीयू से घर तक पहुंचाने में भी सेवा का उपयोग किया गया. गंभीर या विशेष देखभाल की जरूरत वाले नवजातों को समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है.
3,434 अन्य मरीजों ने भी उठाया लाभ
तीन माह के दौरान गर्भवती महिलाओं, ट्रामा मरीजों और नवजातों के अलावा 3,434 अन्य मरीजों को भी नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करायी गयी. बीमारी या अन्य आपात स्थिति में जरूरतमंद मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने और रेफर किये गये मरीजों को एक स्वास्थ्य संस्थान से दूसरे संस्थान तक ले जाने में यह सेवा उपयोगी साबित हो रही है.
जिले में 67 एंबुलेंस और दो मोर्चरी वैन
डीपीएम अरविंद कुमार ने बताया कि सारण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 46 बेसिक लाइफ सपोर्ट यानी बीएलएस एंबुलेंस और 21 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट यानी एएलएस एंबुलेंस संचालित की जा रही हैं. इसके अलावा दो मोर्चरी वैन भी उपलब्ध हैं. बीएलएस एंबुलेंस सामान्य और आवश्यक चिकित्सा सहायता वाले मरीजों के परिवहन में उपयोगी हैं, जबकि गंभीर मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा के साथ बेहतर अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एएलएस एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी है.
102 नंबर पर मिलती है नि:शुल्क सेवा
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि जिले में संचालित एंबुलेंस सेवा का लाभ लेने के लिए आमजन टोल फ्री नंबर 102 पर संपर्क कर सकते हैं. एंबुलेंस सेवा के माध्यम से मरीजों को घर से अस्पताल और जरूरत पड़ने पर एक स्वास्थ्य संस्थान से दूसरे संस्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है. स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से एंबुलेंस नेटवर्क को लगातार प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
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