सारण में बाढ़: 30 से अधिक पंचायतें बनीं टापू, 1.44 लाख क्यूसेक पानी से बढ़ी चिंता,

Updated:
विज्ञापन

नोट: फोटो नंबर 4 सीएचपी 13, है कैप्सन होगा-बाढ़ से घिरा रिविलगंज प्रखंड के सिताब दियारा | Prabhat Khabar Network

सारण जिले के 4 प्रखंडों में बाढ़ से 30 पंचायतें टापू में तब्दील हो गई हैं। प्रशासन ने राहत सामग्री वितरण शुरू कर दिया है और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

विज्ञापन

Saran News : सारण जिले के चार प्रखंडों में आई बाढ़ ने 30 से अधिक पंचायतों को टापू में तब्दील कर दिया है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के सामने रहने, खाने और अपनी संपत्ति की सुरक्षा की चुनौती बनी हुई है. जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत सामग्री का वितरण शुरू करा दिया है.

आपके शहर में

विज्ञापन

अधिकारियों के निरीक्षण के बाद राहत कार्य में तेजी

प्रशासन ने घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पंजीकृत नावों के परिचालन की अनुमति दी है. प्रभावित इलाकों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि, सुदूरवर्ती इलाकों में अब भी सरकारी राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही है.


 पानी में घिरा किसान
पानी में घिरा किसान

शुक्रवार को कम हुई जलस्तर बढ़ने की रफ्तार

बाढ़ के बीच शुक्रवार को लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई. जिले की विभिन्न नदियों में जलस्तर बढ़ने की रफ्तार में काफी कमी दर्ज की गई. अधिकारियों के अनुसार कई जगहों पर वृद्धि की गति पहले के मुकाबले आधी या उससे भी कम हो गई है. इससे अब जलस्तर में और तेज वृद्धि की आशंका कम हुई है और आने वाले समय में पानी घटने की उम्मीद जताई जा रही है.

इन पंचायतों में बाढ़ की स्थिति सबसे गंभीर

जिलाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. छपरा सदर प्रखंड के कोटवा पट्टी रामपुर, बरहरा, मांझी, रायपुर और बिनगांव में स्थिति गंभीर मिली. दिघवारा प्रखंड के अकिलपुर, गरखा प्रखंड के मौजमपुर, इटवा और श्रीपाल बसंत तथा रिविलगंज प्रखंड के दिलियारहीमपुर में भी बाढ़ का असर देखा गया.

सोनपुर प्रखंड के सबलपुर पूर्वी, सबलपुर पश्चिमी, सबलपुर उत्तरी, सबलपुर मध्यवर्ती, नजरमीरा, शाहपुर, खरीका, भरपुरा, गंगाजल, कस्मर, सैदपुर, हासिलपुर, रसूलपुर, सितापुर और कल्याणपुर में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है.


चारों तरफ बाढ़ से पानी में घिरा किसान
चारों तरफ बाढ़ से पानी में घिरा किसान

वाल्मीकि नगर बैराज से आया 1.44 लाख क्यूसेक पानी

बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार नदियों के जलस्तर में वृद्धि का प्रमुख कारण नेपाल की ओर से आने वाला पानी है. वाल्मीकि नगर बैराज में शुक्रवार को करीब 1.445 लाख क्यूसेक पानी पहुंचा, जिसमें से लगभग 1.29 लाख क्यूसेक पानी रिलीज किया गया. पड़ोसी जिलों और राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण विभिन्न नदियों के जलस्तर पर इसका असर पड़ रहा है.

हालांकि, शुक्रवार को जलस्तर बढ़ने की गति में कमी आने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है.

गंगा खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल की 4 सितंबर की सुबह 6 बजे की रिपोर्ट के अनुसार घाघरा, गंडक और गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर है.

गंगा गांधी घाट: खतरे का निशान 48.60 मीटर है, जबकि जलस्तर 50.36 मीटर दर्ज किया गया. नदी खतरे के निशान से करीब 1.76 मीटर ऊपर बह रही है.

गंडक हाजीपुर: खतरे का निशान 50.32 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 50.37 मीटर है. यहां 21 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई.

गंडक रेवा: खतरे का निशान 54.41 मीटर है. वर्तमान जलस्तर 53.97 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 18 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई.

सरयू/घाघरा सिसवन: खतरे का निशान 57.04 मीटर है और जलस्तर 56.65 मीटर पहुंच गया है. यहां 20 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई.

घाघरा छपरा: खतरे का निशान 53.68 मीटर है. वर्तमान जलस्तर 53.26 मीटर है और 12 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई.

अधिकारी बोले- अब पानी बढ़ने की रफ्तार काफी कम

बाढ़ प्रमंडल, सारण के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर ने बताया कि शुक्रवार की जलस्तर रिपोर्ट में पानी बढ़ने की रफ्तार पहले की तुलना में आधी से भी कम हुई है. पानी का डिस्ट्रीब्यूशन होने और बारिश में कमी आने से स्थिति में सुधार के संकेत हैं. वाल्मीकि नगर बैराज से शुक्रवार को करीब 1.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसमें लगभग 1.29 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज के रूप में नदियों में आएगा. उनके अनुसार फिलहाल यह सामान्य स्थिति है और इसका बहुत ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन