सारण में बाढ़ पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य विभाग की खास तैयारी, नौका एंबुलेंस से पहुंच रही मेडिकल टीम

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बाढ़ पीड़ितों के बीच दवा वितरण करते स्वास्थ्य कर्मी

सारण में बाढ़ से प्रभावित गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. आठ मेडिकल टीमें नावों के सहारे दुर्गम इलाकों में पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं और दवाएं उपलब्ध करा रही हैं. अब तक 428 लोगों को लाभ मिल चुका है.

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Saran Flood Health Services: बाढ़ से घिरे गांवों और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए सारण स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है. जिले के चार प्रखंडों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आठ मेडिकल टीमें लगातार सक्रिय हैं. सड़क संपर्क बाधित होने के बावजूद चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी नाव के सहारे गांवों और टोलों तक पहुंच रहे हैं. अब तक इन टीमों ने 428 लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाएं उपलब्ध करायी हैं.

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बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जीवन रक्षक और जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडार भी तैयार रखा है. जिन इलाकों में सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है, वहां नौका एंबुलेंस के माध्यम से मेडिकल टीमों और चिकित्सा सामग्री को पहुंचाया जा रहा है.

चार प्रखंडों में आठ मेडिकल टीमें तैनात

स्वास्थ्य विभाग की आठ टीमें सदर, रिविलगंज, सोनपुर और दिघवारा प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात की गयी हैं. मेडिकल टीमें जलजमाव और आवागमन की कठिन परिस्थितियों के बीच प्रभावित गांवों और टोलों तक पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं.

सदर प्रखंड के कोटवापट्टी रामपुर, बीनगांवा, रामपुर, रायपुर और महाजी समेत विभिन्न प्रभावित इलाकों में टीमों ने स्वास्थ्य जांच की. वहीं रिविलगंज के निचले इलाकों, दिलीयरहीमपुर तथा सोनपुर और दिघवारा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी मेडिकल टीमें पहुंचीं.

सड़क डूबी तो नौका एंबुलेंस बनी सहारा

बाढ़ के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित है. ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए विभाग नौका एंबुलेंस का इस्तेमाल कर रहा है. इसके माध्यम से स्वास्थ्यकर्मियों के साथ जरूरी दवाएं और चिकित्सा सामग्री भी दुर्गम इलाकों तक पहुंचायी जा रही हैं.

नौका एंबुलेंस के कारण बाढ़ से सामान्य परिवहन व्यवस्था से कट चुके परिवारों तक भी चिकित्सा सुविधा पहुंचाना संभव हो रहा है. आपात स्थिति में गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थान या स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

428 लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंची मेडिकल टीमों ने अब तक 428 लोगों की स्वास्थ्य जांच की है. जांच के दौरान बीमारी के लक्षणों की पहचान के साथ लोगों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया और जरूरत के अनुसार दवाएं भी उपलब्ध करायी गयीं.

स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि बाढ़ के कारण होने वाली बीमारियों के लक्षणों की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके. गंभीर या जटिल स्थिति वाले मरीजों को बेहतर इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.

जीवन रक्षक दवाओं का तैयार किया गया भंडार

बाढ़ के दौरान संक्रमण, बुखार, दस्त, त्वचा संबंधी बीमारी समेत कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा पहले से बीमार मरीजों को नियमित दवाओं की जरूरत होती है.

इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में जीवन रक्षक और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की है. फील्ड में जाने वाली मेडिकल टीमें अपने साथ जरूरी दवाएं लेकर पहुंच रही हैं, ताकि मरीजों को मौके पर ही आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके.

गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष नजर

बाढ़ के दौरान गर्भवती महिलाएं, नवजात, छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन वर्गों पर विशेष नजर रख रही हैं.

गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी के साथ आवश्यक जांच और परामर्श किया जा रहा है. प्रसव की संभावित तिथि के करीब पहुंच चुकी महिलाओं की पहचान कर जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है.

वहीं बच्चों और शिशुओं में बीमारी के लक्षणों की पहचान तथा आवश्यक उपचार को प्राथमिकता दी जा रही है. बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को नियमित दवा और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.

दूषित पानी से बचने की दी जा रही सलाह

सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि मेडिकल टीमों का काम सिर्फ मरीजों की जांच और दवा वितरण तक सीमित नहीं है. बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वच्छता, सुरक्षित पानी के इस्तेमाल, भोजन की गुणवत्ता और संक्रमण से बचाव के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है.

लोगों को दूषित पानी के सेवन से बचने, पानी को सुरक्षित बनाकर पीने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य टीम या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है.

बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार सक्रिय टीमें

जिला कार्यक्रम प्रबंधक अरविंद कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं. सदर, रिविलगंज, सोनपुर और दिघवारा के विभिन्न इलाकों में मेडिकल टीमों द्वारा स्वास्थ्य जांच, उपचार और दवा वितरण की सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.

उन्होंने बताया कि जहां बाढ़ के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित है, वहां नौका एंबुलेंस की मदद से स्वास्थ्य टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि बाढ़ के बीच लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न होना पड़े.

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