सारण के 37 आयुष्मान आरोग्य मंदिर NQAS की कसौटी पर खरे, मिला राज्यस्तरीय प्रमाणीकरण
AI से बनाई गई तस्वीर
सारण जिले के 37 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत राज्यस्तरीय प्रमाणीकरण हासिल किया, अब राष्ट्रीय स्तर की तैयारी जारी है।
Saran News : सारण जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आयी है. जिले के 37 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत राज्यस्तरीय प्रमाणीकरण मिला है. अब इन सभी स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित कराने की तैयारी की जा रही है. प्रमाणीकरण की प्रक्रिया के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सेवाओं, मरीजों के अधिकार, स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, आवश्यक संसाधनों और उपचार की गुणवत्ता का निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया.
आपके शहर में
12 स्वास्थ्य पैकेज की सेवाओं की हुई जांच
जिला कार्यक्रम प्रबंधक अरविन्द कुमार ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के NQAS प्रमाणीकरण के दौरान वहां उपलब्ध 12 प्रकार के स्वास्थ्य पैकेज से जुड़ी सेवाओं और व्यवस्थाओं का निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर आकलन किया जाता है. स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, मरीजों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुपालन की बिंदुवार जांच की जाती है. प्रत्येक मानक के आधार पर संस्थान को अंक प्रदान किये जाते हैं. निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद ही स्वास्थ्य केंद्र को प्रमाणीकरण दिया जाता है.
सिर्फ भवन और उपकरण नहीं, पूरी व्यवस्था का मूल्यांकन
NQAS प्रमाणीकरण की प्रक्रिया केवल भवन या उपकरणों की उपलब्धता तक सीमित नहीं रहती. स्वास्थ्य केंद्र की संपूर्ण कार्यप्रणाली का विभिन्न बिंदुओं पर मूल्यांकन किया जाता है. इसमें सेवा प्रावधान, मरीजों के अधिकार, आवश्यक इनपुट, सहयोगी सेवाएं, नैदानिक देखभाल, संक्रमण नियंत्रण और गुणवत्ता प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं. निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन और स्कोरिंग के बाद प्रमाणीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है.
पहले राज्य, अब राष्ट्रीय प्रमाणीकरण की तैयारी
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को पहले राज्यस्तरीय प्रमाणीकरण प्राप्त करना होता है. इसके बाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों को लगातार बनाए रखते हुए राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाती है. सारण के 37 केंद्रों को राज्यस्तरीय प्रमाण-पत्र मिलने के बाद अब इन्हें राष्ट्रीय स्तर की कसौटी के लिए तैयार किया जा रहा है. जहां आवश्यक होगा, वहां व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जायेगा.
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर जोर
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी रमेशचंद्र कुमार ने कहा कि NQAS प्रमाणीकरण का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उसमें लगातार सुधार करना है. निर्धारित मानकों के अनुरूप सेवाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों को प्रोत्साहित किया जाता है. सारण के 37 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राज्यस्तरीय प्रमाणीकरण मिलना इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
गांव के पास ही मिलेंगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घर के नजदीक आवश्यक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. ऐसे में इन केंद्रों का गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित होना बेहद जरूरी है. NQAS के तहत स्वच्छता, मरीजों की सुविधा, उपचार प्रक्रिया, संक्रमण नियंत्रण और सेवा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाता है. इससे ग्रामीण आबादी को छोटी-छोटी स्वास्थ्य जरूरतों के लिए दूर स्थित बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.
मरीजों के अधिकार और सुरक्षित वातावरण भी मानक का हिस्सा
NQAS के तहत मरीजों के अधिकार और उनकी सुविधा को भी महत्वपूर्ण मानक माना गया है. स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को उपलब्ध सेवाओं की जानकारी, उचित व्यवहार, आवश्यक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण देखभाल उपलब्ध कराना मूल्यांकन का हिस्सा है. इसके साथ ही संक्रमण नियंत्रण और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके.
प्रमाण-पत्र तक सीमित नहीं रहेगी गुणवत्ता व्यवस्था
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार का सबसे महत्वपूर्ण असर लोगों के भरोसे पर पड़ता है. जब ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अपने गांव या नजदीकी क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, व्यवस्थित सेवा और स्वच्छ वातावरण मिलता है, तो सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के प्रति उनका विश्वास मजबूत होता है. उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास केवल प्रमाण-पत्र हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता मानकों को नियमित रूप से बनाए रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार करना है.
राष्ट्रीय प्रमाणीकरण की ओर बढ़ेंगे 37 केंद्र
सारण के 37 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राज्यस्तरीय NQAS प्रमाणीकरण मिलना ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. अब राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणीकरण की तैयारी के साथ इन केंद्रों में गुणवत्ता मानकों के अनुपालन को और मजबूत किया जायेगा. राष्ट्रीय प्रमाणीकरण मिलने से इन स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाओं को व्यापक स्तर पर मान्यता मिलने के साथ ग्रामीण आबादी को घर के करीब अधिक गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य मजबूत होगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए