सारण: बाढ़ के बीच एनएच-19 बना सहारा, सड़क पर ही अंतिम संस्कार करने को मजबूर परिजन; स्कूलों में भी पठन-पाठन ठप
NH तक पानी आने के कारण सड़क पर हो रहा दाह संस्कार
बाढ़ का पानी एनएच-19 तक पहुँचने से डोरीगंज और आसपास के इलाकों में हाहाकार मचा है. लोगों को अंतिम संस्कार के लिए भी सड़क का सहारा लेना पड़ रहा है. स्कूलों में भी पढ़ाई बंद है, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में है.
Saran Flood: बाढ़ का पानी एनएच-19 तक पहुंच जाने के कारण डोरीगंज और आसपास के इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. आपदा की इस स्थिति में जिन लोगों की मौत हो रही है, उनके परिजन एनएच-19 पर ही अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं. वहीं, पूरे इलाके में बाढ़ का पानी फैल जाने के कारण एनएच-19 के दक्षिणी इलाके के लोगों के लिए यही सड़क शरणस्थली बन गयी है.
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एनएच-19 की दक्षिणी लेन और डिवाइडर पर बना आशियाना
बाढ़ से प्रभावित लोग एनएच-19 की दक्षिणी लेन और डिवाइडर पर अपने मवेशियों के साथ शरण लिये हुए हैं. बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे ही रहने को मजबूर हैं. बाढ़ का पानी लगातार इलाके में फैलने से लोगों के सामने सुरक्षित स्थान की समस्या बनी हुई है.

स्कूलों में घुसा बाढ़ का पानी, पठन-पाठन बंद
बाढ़ का असर शिक्षण व्यवस्था पर भी पड़ा है. अधिकतर सरकारी और निजी विद्यालयों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. जिन विद्यालयों में पानी नहीं पहुंचा है, वहां भी आसपास के इलाके में बाढ़ का पानी फैल जाने के कारण पठन-पाठन स्वत: बंद हो गया है. इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

पानी बढ़ने की रफ्तार से बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बाढ़ के पानी में इसी तरह वृद्धि जारी रही, तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है. बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थान, भोजन, मवेशियों के लिए चारा और अन्य जरूरी सुविधाओं की चिंता सता रही है. पानी बढ़ने की रफ्तार ने पूरे इलाके के लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
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