छपरा में दुर्गा पूजा की तैयारी शुरू, 50 से 70 लाख रुपये में तैयार हो रहे पंडाल, कोलकाता से पहुंचे हैं कलाकार, जानिए कब है नवरात्रि?
भगवान बाजार की दुर्गा प्रतिमा की तैयारी
Chapra Durga Puja 2026 : छपरा में दुर्गा पूजा और दशहरा का उत्साह अभी से छाने लगा है. जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, 1100 से अधिक मां दुर्गा की प्रतिमाएं आकार ले रही हैं. पंडाल निर्माण और सजावट की तैयारियां जोरों पर हैं.
Chapra Durga Puja 2026 : छपरा में दुर्गा पूजा और दशहरा की आहट अभी से महसूस होने लगी है. जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पूजा समितियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. कई जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं आकार लेने लगी हैं, जबकि पंडाल निर्माण की तैयारी भी शुरू हो गयी है. पिछले वर्षों के आंकड़ों के आधार पर इस बार 1100 से अधिक प्रतिमाएं स्थापित होने की उम्मीद जतायी जा रही है.
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प्रतिमाएं बनने लगीं, दशहरा की तैयारी तेज
जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा स्थलों पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम शुरू हो गया है. प्रतिमाओं के निर्माण के साथ ही पूजा समितियां पंडाल और सजावट की तैयारियों में जुट गयी हैं. इससे श्रद्धालुओं और आम लोगों में दशहरा को लेकर उत्साह बढ़ने लगा है.
1100 से अधिक बड़ी प्रतिमाएं स्थापित होने की उम्मीद
पिछले दो वर्षों के रिकॉर्ड के अनुसार सारण में अधिकृत और लाइसेंसी रूप से 1100 से अधिक प्रतिमाएं स्थापित की गयी थीं. इस बार इनकी संख्या बढ़ने की संभावना है. वहीं छोटे स्तर पर होने वाले पूजा आयोजनों को जोड़ें तो प्रतिमाओं और धार्मिक झांकियों की संख्या 3500 से अधिक होने का अनुमान है.

कोलकाता से हर साल आते हैं मूर्ति कलाकार
छपरा शहर में मां दुर्गा की प्रतिमाएं तैयार करने के लिए हर साल कोलकाता से कलाकार पहुंचते हैं. कई पूजा समितियों के यहां कलाकार कई दिन पहले से ही डेरा डालकर प्रतिमा निर्माण में जुट जाते हैं. वहीं स्थानीय स्तर पर भी कई परिवार वर्षों से मूर्ति निर्माण का काम करते आ रहे हैं.
लागत के अनुसार तैयार हो रही प्रतिमाएं
मूर्ति कलाकार पूजा समितियों के बजट के अनुसार प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं. इसके लिए मिट्टी, पुआल, कील, कपड़ा, रंग, पेंट, बांस और रस्सी समेत अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. कलाकारों के अनुसार एक प्रतिमा के निर्माण में करीब 30 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये से अधिक तक खर्च हो सकता है.
छोटी-बड़ी प्रतिमाओं के मिल रहे ऑर्डर
मूर्ति कलाकारों ने बताया कि इस बार ज्यादातर पूजा समितियों ने छोटी प्रतिमाओं का ऑर्डर दिया है. हालांकि कुछ समितियों ने बड़ी और आकर्षक प्रतिमाओं की मांग की है. प्रतिमा की ऊंचाई, डिजाइन और सजावट के आधार पर इसकी लागत तय हो रही है.

पंडाल निर्माण में ग्रामीण क्षेत्र आगे
दुर्गा पूजा के पंडालों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर तैयारी हो रही है. जलालपुर और बनियापुर जैसे प्रखंडों में लाखों रुपये की लागत से बड़े पंडाल तैयार किये जा रहे हैं. स्थानीय स्तर पर करीब 50 से 70 लाख रुपये तक की लागत वाले पंडाल बनाये जाने की बात सामने आयी है.
नवरात्र शुरू होने में अब करीब एक महीना
शारदीय नवरात्र शुरू होने में अब करीब एक महीने का समय बचा है. नवरात्र के साथ ही पूजा स्थलों पर धूप-दीप, शंख और घंटे की गूंज के बीच धार्मिक माहौल बनना शुरू हो जाएगा. इसे देखते हुए पूजा समितियां समय पर तैयारियां पूरी करने में जुटी हैं.
इस बार नवरात्र की प्रमुख तिथियां
इस वर्ष शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर से घटस्थापना के साथ बतायी गयी है. 19 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी और महानवमी तथा प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम रहेगा. वहीं विजयादशमी यानी दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा.
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