छपरा के प्रभुनाथ नगर में हर गली में जलजमाव, एनजीटी के आदेश के बाद भी समस्या जस की तस

Updated:
विज्ञापन

फोटो कैप्शन-जर्जर सड़क के बीच गुजरते लोग

प्रभुनाथ नगर में जलजमाव की समस्या वर्षों से लोगों का जीवन दूभर कर रही है. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है. स्थानीय निवासी अब आंदोलन की राह पर चलने को मजबूर हैं.

विज्ञापन

Pradhunath Nagar: शहर के प्रभुनाथ नगर में जलजमाव की समस्या वर्षों से बनी हुई है. इस मामले की सुनवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) से लेकर मुख्यमंत्री स्तर तक हो चुकी है और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिये गये, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि धरातल पर स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है. सदर प्रखंड क्षेत्र के इस मोहल्ले में मुख्य सड़क से लेकर ब्रांच गलियों तक जलजमाव की समस्या बनी हुई है. सबसे खराब स्थिति प्रभुनाथ नगर हनुमान मंदिर चौक से शिव मंदिर रोड तक बतायी जा रही है.

आपके शहर में

विज्ञापन

जलजमाव से परेशान लोग, आंदोलन की तैयारी

जलजमाव के कारण मोहल्ले के लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, जबकि महिलाओं और बुजुर्गों के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया है. बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने में भी परेशानी होती है. लगातार पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और लोगों को जलजनित बीमारियों का डर सता रहा है.

स्थानीय लोगों के अनुसार कई घरों में भी पानी प्रवेश कर चुका है. बारिश होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा पूरा इलाका टापू में तब्दील हो जाता है. समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द जलजमाव से निजात नहीं मिली तो मामला धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का रूप ले सकता है.

कई बार अधिकारियों को दिया आवेदन

मोहल्ले के लोगों ने जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार आवेदन देकर जलजमाव और जल निकासी की समस्या दूर करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि हर बार जल्द सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ.

स्थानीय लोगों ने बताया कि अधिकारियों को कॉलोनी की मूलभूत समस्याओं से अवगत कराते हुए तत्काल जल निकासी की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गयी थी. इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है.

आदर्श मोहल्ला बनाने की योजना भी नहीं हुई पूरी

स्थानीय लोगों के अनुसार प्रभुनाथ नगर आवासीय कॉलोनी को आदर्श मोहल्ला योजना के तहत विकसित करने की योजना बनायी गयी थी. इसमें प्रत्येक भूखंड के सामने 40 और 30 फीट चौड़ी सड़क तथा बिजली की समुचित व्यवस्था का प्रावधान था.

बताया जाता है कि वर्ष 1975 में बिहार राज्य आवास बोर्ड ने इस योजना को अपने अधीन ले लिया और संबंधित राशि उसके खाते में भेजी गयी. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि आवास बोर्ड ने करोड़ों रुपये की जमीन बीएसएनएल और बिजली बोर्ड को बेच दी. इसके साथ ही भूखंडों की कीमत में भी वृद्धि की गयी, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए अपेक्षित काम नहीं हुआ.

इस मामले को लेकर स्थानीय निवासियों ने उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की थी. इसके अलावा मुख्यमंत्री के यहां आवेदन देकर समस्या के समाधान की गुहार लगायी गयी. लोगों के अनुसार मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से तत्काल कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया था. इसके तहत प्रभुनाथ नगर कॉलोनी के लिए तीन कनीय अभियंता और एक सहायक अभियंता की तैनाती भी की गयी थी, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका.

एनजीटी के आदेश के बाद भी जल निकासी की समस्या बरकरार

प्रभुनाथ नगर और शक्तिनगर में जलजमाव को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की पूर्वी पीठ कोलकाता में भी मामला पहुंचा था. वेटरंस फोरम के सचिव डॉ. बीएनपी सिंह की ओर से छपरा शहर के प्रभुनाथ नगर में जलजमाव की समस्या को लेकर वाद संख्या ओए 166/2022 दायर किया गया था.

बताया गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निरीक्षण रिपोर्ट के बाद एनजीटी ने स्थिति पर चिंता जतायी थी. अधिकरण ने प्रभुनाथ नगर और शक्तिनगर में जल निकासी की व्यवस्था हर हाल में 31 मई 2023 तक पूरा करने का आदेश दिया था. साथ ही अनुपालन को लेकर जिलाधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शपथ पत्र भी मांगा गया था.

इसके बाद जिला परिषद की ओर से करीब पौने दो करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी ड्रेनेज बॉक्स नाला निर्माण के लिए टेंडर निकाला गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि काम होने के बाद भी जलजमाव की समस्या खत्म नहीं हुई और स्थिति पहले जैसी बनी हुई है. मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को होनी है. याचिकाकर्ता का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान कराने का प्रयास जारी रहेगा.

जनप्रतिनिधियों से भी लोगों में नाराजगी

जलजमाव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है. लोगों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलकर जल्द कार्रवाई की मांग की है.

क्या बोलीं विधायक

छोटी कुमारी, विधायक, छपरा ने कहा कि इस मामले पर स्थानीय सांसद और जिलाधिकारी से भी बातचीत की जायेगी. देखा जायेगा कि किसी योजना के तहत यह सड़क स्वीकृत है या नहीं. यदि योजना स्वीकृत नहीं हुई है तो आवश्यक कार्रवाई शुरू की जायेगी. पहले से कोई योजना बनी होगी तो उसके कार्य में तेजी लायी जायेगी.

इसे भी पढ़ें: "हिरासत" के दावों पर मचा बवाल! जानिए पटना BPSC प्रदर्शन में छाए 6 साल के आदित्य की पूरी कहानी


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन