हरे परिधान, हाथों में मेहंदी और पारंपरिक झूले... सारण के किलकारी में बच्चों ने मचाया सावन उत्सव का धमाल!

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कार्यक्रम प्रस्तुत करते बच्चे

सारण जिले के बिहार बाल भवन किलकारी में सावन उत्सव का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया. बच्चों ने लोक संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति से जुड़ते हुए रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया. लोकगीत, नृत्य, राधा-कृष्ण की झांकी और विभिन्न प्रतियोगिताओं ने समां बांधा.

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Bihar Bal Bhavan Kilkari: सारण जिला मुख्यालय स्थित बिहार बाल भवन किलकारी में सावन उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास और उत्सवी माहौल में किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय लोक संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति से जोड़ना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना था. कार्यक्रम स्थल को सावन की थीम, हरियाली, पारंपरिक झूलों और रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था.

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लोकगीत और नृत्य ने बांधा समां

सावन की हरियाली, पारंपरिक संगीत और लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत बना दिया. किलकारी के प्रतिभावान बच्चों ने नृत्य, संगीत और कविताओं के माध्यम से सावन के मौसम की सुंदरता और प्रकृति के प्रति अपने प्रेम को खूबसूरती से प्रस्तुत किया. बच्चों की प्रस्तुतियों को उपस्थित दर्शकों और अतिथियों ने खूब सराहा.

राधा-कृष्ण की झांकी रही आकर्षण का केंद्र

सांस्कृतिक उत्सव का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी रही. पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों की प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया. झांकी के माध्यम से बच्चों ने भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की.

सावन राजा और सावन रानी प्रतियोगिता

सावन उत्सव के दौरान सावन राजा और सावन रानी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. इसमें बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. बच्चों के आकर्षक परिधानों और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया.

हरे परिधानों में दिखी सावन की छटा

पारंपरिक हरा ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों ने हरे रंग के परिधानों में हिस्सा लिया. बच्चों के परिधानों में सावन की हरियाली और प्रकृति के प्रति लगाव की झलक देखने को मिली. प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.

मेहंदी प्रतियोगिता में दिखी रचनात्मकता

मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता में बच्चियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. बाल कलाकारों ने अपने हाथों पर आकर्षक और पारंपरिक मेहंदी के डिजाइन उकेरे. प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता और कला प्रतिभा को मंच मिला. पूरे आयोजन में बच्चों का उत्साह देखते ही बना.

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