सरयू के बढ़ते जलस्तर से छपरा में बाढ़ का खतरा, कई इलाके जलमग्न; डीएम-एसपी ने लिया जायजा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते डीएम व एसपी
छपरा शहर से सटे रिविलगंज के सीढ़ी घाट, नेवाजी टोला, रूपगंज और धर्मशाला इलाके में बाढ़ का पानी पहुंच गया है. 50 से अधिक घर प्रभावित हैं और सब्जियों की फसल डूब गयी है.
Bihar flood news: पहाड़ी इलाकों के साथ राज्य के विभिन्न जिलों में हो रही बारिश का असर सारण में भी दिखाई देने लगा है. गंगा के बाद अब सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने से छपरा शहर से सटे रिविलगंज प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं. शनिवार की रात नदी के जलस्तर में 14 से 28 सेंटीमीटर तक की वृद्धि दर्ज की गयी. इसके बाद 50 से अधिक घरों में पानी प्रवेश कर गया है. कई एकड़ में लगी सब्जियों की फसल भी पानी में डूब गयी है.
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बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण शुरू कर दिया है. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सोनपुर के सबलपुर घाट समेत कई इलाकों का दौरा किया. उनके निर्देश पर रविवार को सदर और रिविलगंज प्रखंड के अधिकारियों ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और प्रभावित लोगों को जल्द बचाव अभियान चलाने तथा राहत सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. निरीक्षण के दौरान स्थानीय पंचायत के मुखिया भी मौजूद रहे.
शहर से सटे इन इलाकों में पहुंचा बाढ़ का पानी
छपरा नगर निगम क्षेत्र से सटे रिविलगंज प्रखंड की दिलिया रहीमपुर पंचायत के वार्ड संख्या एक और चार में बाढ़ का सबसे अधिक असर दिखाई दे रहा है. पंचायत के वार्ड संख्या चार के सीढ़ी घाट, नेवाजी टोला, धर्मशाला, रूपगंज, रावल टोला और नयी बस्ती के आसपास बाढ़ का पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है.
करीब 50 से अधिक घरों में पानी प्रवेश कर चुका है. इससे लोग घर छोड़कर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की तैयारी में जुटे हैं. धर्मशाला, नेवाजी टोला और आसपास के लोग नाव की मदद से जरूरी सामान निकालकर सोनारपट्टी और अड्डा नंबर दो के समीप तंबू लगाने की तैयारी कर रहे हैं.
अचानक बढ़ा जलस्तर, लोगों को नहीं मिला संभलने का मौका
स्थानीय निवासी और सैंड आर्टिस्ट अशोक कुमार ने बताया कि शनिवार की सुबह से घाघरा नदी का पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा था. रविवार की रात अचानक जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई और सुबह होते-होते पानी घरों में प्रवेश कर गया. इससे लोगों को घर खाली करने और जरूरी सामान सुरक्षित करने तक का मौका नहीं मिल सका. उन्होंने बताया कि करीब 50 घर बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं.

घरों के साथ खेत भी डूबे, सब्जियों की फसल बर्बाद
बाढ़ का पानी घरों के साथ खेतों में भी पहुंच गया है. इससे घरों में रखा अनाज और जरूरी सामान बर्बाद हो गया है. वहीं खेतों में लगी परवल, नेनुआ और कद्दू सहित अन्य सब्जियों की फसल भी डूब गयी है.
जान टोला और बिंद टोली क्षेत्र में बबलू बिन, मुन्ना चौधरी, लालबाबू चौधरी, भिखारी चौधरी, पारण राय, लक्ष्मण राय, सुरेश माझी, रविंद्र सिंह सहित कई किसानों के खेतों में पानी प्रवेश कर चुका है. किसानों ने बताया कि दियारा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हरी सब्जियों की खेती की गयी थी. किसानों ने पूरे साल की कमाई खेती में लगा रखी थी, लेकिन सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से फसल डूबने लगी है. इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है. किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है.
राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग
दिलिया रहीमपुर पंचायत के मुखिया विष्णु साह ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग की है. उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए नाव, भोजन, तिरपाल और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की. साथ ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान तेज करने की अपील की.
मुखिया ने बताया कि रिविलगंज के अंचलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया है और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है.
नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट
23 अगस्त 2026 की सुबह तक गंगा, गंडक और सरयू नदी के कई घाटों पर जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गयी है. गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. वहीं घाघरा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों को अलर्ट मोड पर रखा है.
सारण में नदियों का वर्तमान जलस्तर
| नदी | खतरे का निशान | वर्तमान जलस्तर | बदलाव |
| गंगा, गांधी घाट | 48.60 मीटर | 49.54 मीटर | 19 सेंटीमीटर बढ़ोतरी |
| गंडक, हाजीपुर | 50.32 मीटर | 49.53 मीटर | 14 सेंटीमीटर बढ़ोतरी |
| गंडक, रेवा | 54.41 मीटर | 53.34 मीटर | 5 सेंटीमीटर कमी |
| सरयू/घाघरा, सिसवन | 57.04 मीटर | 56.68 मीटर | 17 सेंटीमीटर बढ़ोतरी |
| घाघरा, छपरा | 53.68 मीटर | 52.07 मीटर | 28 सेंटीमीटर बढ़ोतरी |
क्या बोले अधिकारी
संतोष प्रभाकर, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ प्रमंडल: रेवा घाट पर गंगा नदी के जलस्तर में 5 सेंटीमीटर कमी हुई है. अन्य सभी घाटों पर जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है. रविवार को 14 से 28 सेंटीमीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. स्थिति अभी नियंत्रण में है. जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार सुरक्षा के सभी कदम उठाये जा रहे हैं.
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