सारण जिला हस्तपुस्तिका निर्माण को लेकर क्षेत्र पदाधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू, 1 अगस्त से होगा डिजिटल डेटा संग्रह

Author Nadim ahmad|Edited by Vivek Ranjan
Updated:
विज्ञापन

डीसीएचबी प्रशिक्षण में उपस्थित एडीएम व अन्य

सारण में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) निर्माण के लिए क्षेत्र पदाधिकारियों का प्रशिक्षण बुधवार से शुरू हो गया है. यह प्रक्रिया पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा.

विज्ञापन

Saran News: जनगणना के तहत जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) निर्माण के लिए क्षेत्र पदाधिकारियों का प्रशिक्षण बुधवार से जिला अतिथि गृह के सभागार एवं मीटिंग हॉल में शुरू हुआ. प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन जिला जनगणना अधिकारी सह अपर समाहर्ता मुकेश कुमार ने किया.

आपके शहर में

विज्ञापन

प्रशिक्षण के पहले दिन दरियापुर और मांझी के क्षेत्र पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए एडीएम मुकेश कुमार ने कहा कि जिला हस्तपुस्तिका के निर्माण में क्षेत्र पदाधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने प्रशिक्षण मैनुअल का गंभीरता से अध्ययन करने और आगामी कार्य को पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा करने का निर्देश दिया.

विकास योजनाओं का आधार बनेगी जिला हस्तपुस्तिका

एडीएम ने कहा कि राजस्व गांवों के विकास के लिए सही और सटीक आंकड़ों का संकलन जरूरी है. आने वाले 10 वर्षों की विकास योजनाओं की रूपरेखा काफी हद तक इसी हस्तपुस्तिका के आंकड़ों पर आधारित होगी. उन्होंने प्रशिक्षकों से भी गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने की अपील की.

ग्राम और नगर स्तर पर जुटाई जाएंगी सैकड़ों जानकारियां

जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक रवि रंजन ने बताया कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का निर्माण वर्ष 1951 से किया जा रहा है. इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, भूमि सहित कई महत्वपूर्ण सूचनाएं एकत्र की जाती हैं, जो भविष्य की विकास योजनाओं के निर्माण में उपयोगी होती हैं.

उन्होंने बताया कि डीसीएचबी निर्माण के दौरान ग्राम स्तर पर करीब 400 और नगर स्तर पर 420 प्रकार की जानकारियां एकत्र की जाएंगी.

पहली बार पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल

एसएलएमटी सह भूमि सुधार उप समाहर्ता आलोक राज ने बताया कि पहली बार जिला हस्तपुस्तिका निर्माण का पूरा कार्य डिजिटल माध्यम से किया जाएगा. सभी आंकड़ों का संग्रह मोबाइल ऐप के जरिए होगा. उन्होंने अधिकारियों को ऐप का व्यावहारिक प्रशिक्षण लेने और किसी भी शंका का समाधान कर ही प्रशिक्षण स्थल छोड़ने का निर्देश दिया.

एक से 31 अगस्त तक चलेगा फील्ड सर्वे

जिला नोडल पदाधिकारी अदिति आनंद ने बताया कि एक अगस्त से 31 अगस्त तक क्षेत्र पदाधिकारी अपने-अपने राजस्व गांवों और शहरी क्षेत्रों में मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह करेंगे. ऐप पर दर्ज सभी सूचनाएं चार्ज अधिकारी के माध्यम से जिला स्तर पर भेजी जाएंगी.

उन्होंने बताया कि डीसीएचबी निर्माण के लिए 31 दिसंबर 2025 को संदर्भ तिथि निर्धारित किया गया है और उसी आधार पर आंकड़ों का संकलन किया जाएगा.

मोबाइल ऐप का कराया गया अभ्यास

प्रशिक्षक लक्ष्मी मिश्रा और शंकर शरण श्रीवास्तव ने पीपीटी के माध्यम से डीसीएचबी निर्माण की पूरी प्रक्रिया, डेटा संग्रह के विभिन्न पहलुओं और मोबाइल ऐप के उपयोग की जानकारी दी. प्रशिक्षणार्थियों को मोबाइल ऐप डाउनलोड कराकर उसका व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया.

इस अवसर पर जिला जनगणना कोषांग के सुनील कुमार, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार सिन्हा, संतोष कुमार, डॉ. विनय प्रताप, अरुण कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, विजयेंद्र विजय, विनय कुमार सिंह, अजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

Also Read: बिहार में ऑनलाइन जुआ खेलने वालों की अब खैर नहीं, विधानसभा से नया कानून पास, दूसरी बार पकड़े गए तो 2 साल की सजा


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन