दिसंबर 2025 से नहीं मिला मानदेय, सारण की 114 सेविका-सहायिकाओं ने लगायी गुहार

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सीडीपीओ कार्यालय

Saran Anganwadi Worker Honorarium : सारण जिले के पानापुर प्रखंड में 114 आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं पिछले आठ महीनों से मानदेय के इंतजार में हैं. दिसंबर 2025 से भुगतान लंबित होने के कारण आर्थिक तंगी झेल रही इन कर्मियों ने जल्द भुगतान की मांग को लेकर सीडीपीओ कार्यालय में आवेदन सौंपा है. वे विभागीय लापरवाही का आरोप लगा रही हैं.

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Saran Anganwadi Worker Honorarium : सारण के पानापुर प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी सेविका और सहायिकाओं के सामने मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. करीब 54 सेविकाओं और 60 से अधिक सहायिकाओं का दिसंबर 2025 से मानदेय लंबित बताया जा रहा है. सोमवार को दर्जनों सेविकाएं अपनी समस्या लेकर सीडीपीओ कार्यालय पहुंचीं और जल्द भुगतान की मांग को लेकर आवेदन सौंपा.

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दिसंबर 2025 से नहीं मिला मानदेय

पानापुर प्रखंड की दर्जनों सेविका और सहायिकाओं का कहना है कि उन्हें पिछले आठ महीने से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है. लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण रोजमर्रा के खर्चों को लेकर उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

करीब 114 कर्मियों का भुगतान अटका

बताया गया है कि प्रखंड की करीब 54 सेविकाओं और 60 से अधिक सहायिकाओं का मानदेय दिसंबर 2025 से बकाया है. इस तरह बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कर्मियों को लंबे समय से भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है.

बैंक खाते से जुड़ी तकनीकी समस्या का हवाला

सेविका और सहायिकाओं के अनुसार उनके बैंक खातों से संबंधित कुछ तकनीकी समस्या सामने आयी थी. समस्या में सुधार के लिए संबंधित जानकारी सीडीपीओ कार्यालय को पहले ही उपलब्ध करायी जा चुकी है. इसके बावजूद मानदेय का भुगतान नहीं होने से कर्मियों में नाराजगी है.

दर्जनों सेविकाएं पहुंचीं सीडीपीओ कार्यालय

मानदेय भुगतान में देरी से परेशान दर्जनों सेविकाएं सोमवार को सीडीपीओ कार्यालय पहुंचीं. उन्होंने अधिकारियों को आवेदन सौंपकर लंबित मानदेय का जल्द भुगतान कराने की मांग की. सेविकाओं ने कहा कि लंबे समय से राशि नहीं मिलने के कारण वे आर्थिक तंगी से गुजर रही हैं.

आवेदन देकर जल्द भुगतान की मांग

सीडीपीओ कार्यालय को दिए आवेदन में सेविकाओं ने अपनी आर्थिक परेशानी का उल्लेख किया है. उन्होंने विभाग से मामले में जल्द पहल करने और बकाया मानदेय का भुगतान कराने की गुहार लगायी है.

विभागीय लापरवाही का लगाया आरोप

सेविका-सहायिकाओं का आरोप है कि तकनीकी समस्या के समाधान के लिए जरूरी जानकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ. उन्होंने विभागीय स्तर पर लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये को मानदेय लंबित रहने का कारण बताया है.

सीडीपीओ से संपर्क का प्रयास, मोबाइल बंद मिला

मानदेय लंबित रहने के कारणों और भुगतान की स्थिति की जानकारी लेने के लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सुधा कुमारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया. हालांकि, उनका मोबाइल बंद मिला. इस कारण मामले में विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका.


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