शव पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Dec 2016 4:35 AM (IST)
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दिघवारा : त्रिपुरा में बीएसएफ में कार्यरत सेना के जवान व हरेश्वर सिंह के पुत्र सुधीर कुमार के रहस्यमय ढंग से मौत के बाद गुरुवार को उसका पार्थिव शरीर सोनपुर प्रखंड के नयागांव थाना क्षेत्र के नयागांव पहुंचा. शव के घर पहुंचते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया और घर के बाहर जवान को […]
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दिघवारा : त्रिपुरा में बीएसएफ में कार्यरत सेना के जवान व हरेश्वर सिंह के पुत्र सुधीर कुमार के रहस्यमय ढंग से मौत के बाद गुरुवार को उसका पार्थिव शरीर सोनपुर प्रखंड के नयागांव थाना क्षेत्र के नयागांव पहुंचा. शव के घर पहुंचते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया और घर के बाहर जवान को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया .हर किसी का रोते रोते बुरा हाल था.बाद में गंगा घाट पर मृत जवान को गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया.
गुरुवार की सुबह जैसे ही सुधीर का शव उसके पैतृक निवास पहुंचा, वैसे ही हंगामा खड़ा हो गया.शव के साथ आये बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर ए. के.सिंह ने बताया कि बीते 5 दिसंबर को सुधीर का अपनी पत्नी से अनबन हुआ और गुस्से में आकर उसने फांसी लगा ली. जिसके बाद जब पत्नी ने शव लेने से इंकार किया तो शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों के पास लाया गया है जबकि परिजनों का आरोप था कि किसी षड्यंत्र के तहत सुधीर की हत्या कर दी गयी और हत्या को आत्महत्या का केस बनाया जा रहा है.
सुधीर के माता पिता ने बताया कि उसके पुत्र की शादी ही नहीं हुई है फिर पत्नी से विवाद व आत्म हत्या की स्थिति कैसे बनी, ये समझ से परे है.हालांकि मृतक के पिता हरेश्वर सिंह ने अपने जवान बेटे की मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर संबंधित विभाग के वरीय पदाधिकारी को पत्र लिखा है. शव के साथ आये बीएसएफ के एक जवान ने बताया कि बीएसएफ के अविवाहित जवान यूनिट के बाहर नहीं रह सकते हैं. सुधीर ने अपने विवाह होने का हवाला दिया था
जिसके बाद उसे यूनिट के बाहर अपने परिवार के साथ रहने की इजाजत मिली थी,हालांकि उसकी शादी किससे और कब हुई,इस बारे में कोई भी जवान कुछ जानकारी नहीं दे सका.वहीं परिजनों का आरोप है कि अविवाहित अवस्था में उसे यूनिट के बाहर रहने की इजाजत कैसे मिली और विभाग ही यही लापरवाही उसके मौत की वजह बनी है.
ग्रामीण भी उसकी शादी होने जैसी बात से इनकार करते नजर आये.
परिजनों पर टूटा विपत्ति का पहाड़ : सुधीर की मौत के बाद उसके परिजनों पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है.मां उषा देवी व पिता हरेश्वर सिंह बेटे की मौत के बाद शव से लिपटकर रोते हुए अपनी किस्मत को कोस रहे थे.मां रोते हुए कह रही थी कि अब वह किसे बबुआ कहेगी?मृतक अपने दो भाईयों में छोटा था और उसी की आमदनी से परिवार की गाड़ी आगे बढ़ती थी.बेटे की मौत की बाद आमदनी का आसरा भी छिन गया है.
बीएसएफ के जवान की त्रिपुरा में संदिग्ध स्थिति में हुई मौत
साल 2015 में जवान की हुई थी ज्वाइनिंग
एक साधारण किसान के पुत्र सुधीर की जॉइनिंग मई 2015 में बीएसएफ में हुई थी और त्रिपुरा के गोमती जिले के महारानीचेरा में बीएसएफ के 10 बटालियन में उसकी पहली पोस्टिंग हुई और नियुक्ति के महज डेढ़ साल के अंदर ही उसकी मौत हो गयी.सरोज गुप्ता व डॉ चंदन की माने तो सुधीर बहुत ही व्यवहार कुशल युवक था और उसने अपनी इच्छा से बीएसएफ ज्वाइन किया था. परिजनों का कहना है कि सुधीर कभी आत्महत्या कर ही नहीं सकता. है.ग्रामीण भी यह सुनकर दंग रह गये कि बीएसएफ वाले सुधीर को शादीशुदा बता रहे हैं.
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