‘मृत’ एचआइवी मरीज जिंदा अस्पताल पहुंचा

Published at :25 Aug 2016 3:38 AM (IST)
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‘मृत’ एचआइवी मरीज जिंदा अस्पताल पहुंचा

लापरवाही. दो साल पहले घोषित हुआ था मृत छपरा (सारण) : दो वर्ष पहले मृत घोषित एचआइवी संक्रमित मरीज सदर अस्पताल में जीवित हालत में बुधवार को पहुंच गया. यह देख कर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ शंभूनाथ सिंह भी दंग रह गये. इसकी जांच करने पर पता चला कि एचआइवी संक्रमित मरीजों के उपचार […]

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लापरवाही. दो साल पहले घोषित हुआ था मृत

छपरा (सारण) : दो वर्ष पहले मृत घोषित एचआइवी संक्रमित मरीज सदर अस्पताल में जीवित हालत में बुधवार को पहुंच गया. यह देख कर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ शंभूनाथ सिंह भी दंग रह गये. इसकी जांच करने पर पता चला कि एचआइवी संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए खुले एआरटी सेंटर को सहयोग करने के लिए साथी केयर सपोर्ट सेंटर नामक एनजीओ कार्यरत है और उसी के कार्यकर्ताओं ने मरीज को मृत घोषित कर दिया. संस्था की ओर से एआरटी सेंटर को सौंपे गये रिपोर्ट में बताया गया है कि एक अप्रैल 2014 को ही मरीज की मौत हो गयी. बुधवार को मरीज जब अस्पताल में पहुंचा तो, उसे जीवित होने प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना पड़ा. प्रमाण पत्र के रूप में न्यायालय से शपथ पत्र लाकर मरीज ने दिया, तब जाकर उसे दवा दी गयी.
प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश : एचआइवी संक्रमित मरीज के जीवित रहने के बावजूद मृत घोषित करने के मामले को उपाधीक्षक डॉ सिंह ने एनजीओ साथी केयर स्पोर्ट सेंटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया है. संस्था के साथ विभाग की ओर से किये गये एकरारनामा रद्द करने की भी अनुशंसा सरकार से की गयी है. साथ ही एनजीओ को ब्लैक लिस्टेड करने की भी सरकार से सिफारिश की गयी है. एनजीओ के संचालक से स्पष्टीकरण पूछे जाने का भी आदेश उपाधीक्षक ने दिया है.
क्या है मामला
सदर अस्प्ताल में एचआइवी संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए एआरटी सेंटर खोला गया है. सेंटर पर उपचार के लिए आने वाले मरीजों का फ्लोअप करने के लिए साथी केयर सपोर्ट सेंटर कार्यरत है. उपचार के लिए नहीं आने वाले मरीजों के घर जाकर उन्हें प्रेरित किया जाता है. लेकिन आज की घटना से यह आशंका बढ़ गयी है कि साथी केयर स्पोर्ट संस्था की ओर से कागजी खानापूरी की जा रही है.
क्या कहते हैं अधिकारी
दोषी संस्था के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है. एकरारनामा रद्द करने, संस्था को काली सूची में डाले जाने की अनुशंसा भी की गयी है.
डॉ शंभूनाथ सिंह, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, छपरा
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