संसाधनों की कमी से कुंठित हो रहे खिलाड़ी

Published at :12 Dec 2015 6:22 PM (IST)
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संसाधनों की कमी से कुंठित हो रहे खिलाड़ी

संसाधनों की कमी से कुंठित हो रहे खिलाड़ी नोट: वर्जन का तीन फोटो नाम से है. संवाददाता-छपरा (सदर). बिहार में खेल प्रतिभाएं संसाधनों के अभाव में कुंठित हो रही हैं. खेल, खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों में मायूसी है. इस दिशा में सरकार की तरफ से सार्थक पहल की उम्मीद है. ये बातें 42वीं जूनियर राष्ट्रीय बालक-बालिका […]

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संसाधनों की कमी से कुंठित हो रहे खिलाड़ी नोट: वर्जन का तीन फोटो नाम से है. संवाददाता-छपरा (सदर). बिहार में खेल प्रतिभाएं संसाधनों के अभाव में कुंठित हो रही हैं. खेल, खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों में मायूसी है. इस दिशा में सरकार की तरफ से सार्थक पहल की उम्मीद है. ये बातें 42वीं जूनियर राष्ट्रीय बालक-बालिका वॉलीबॉल प्रतियोगिता में क्वाटर फाइनल में भी जगह नहीं बना पाने वली तथा बालिका वर्ग सभी छह मैच हारने वाली तथा बालक वर्ग की छह में चार मैच हारने वाली बिहार वॉलीबॉल एसोसिएशन के कोचिंग सचिव सह इंटरनेशनल कोच निलकमल तथा इवेंट सचिव अजय कुमार राय ने बिहार के खराब प्रदर्शन के संबंध में पूछे जाने पर कहीं. दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि खेल को खेल प्रेमियों ने जीवित रखा है. सरकार की ओर से बेहतर पहल कर प्रतिभाओं को बेहतर मौका देने की जरूरत है. बिहार वॉलीबॉल एसोसिएशन के कोचिंग सचिव निलकमल तथा इवेंट सचिव अजय कुमार राय ने कहा कि अबतक बिहार में एक भी इंडोर स्टेडियम नहीं है, जबकि केरल, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, बंगाल आदि राज्यों की सरकार द्वारा वॉलीबॉल या अन्य खेल के लिए बेहतर खिलाड़ियों को तरासने का प्रयास करती है. दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि बिहार की दोनों टीमों का 15 दिवसीय कोचिंग कैंप भी इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के पहले अर्थाभाव में नहीं हो पाया जो निश्चित तौर पर दुखद है. दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि बिहार के वॉलीबॉल एसोसिएशन द्वारा सीनियर लेबल वॉलीबॉल के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. परंतु, वीएफआइ से बिहार में इंडोर स्टेडियम नहीं होने के कारण सीनियर लेबल वॉलीबॉल होने की उम्मीदें कम दिखती है. पक्षपात का लगाया आरोपगुजरात बालक टीम के कोच व राष्ट्रीय कोच रहे चंदर सिंह ने क्वाटर फाइनल मैच में रेफरी के द्वारा तथा वीएफआइ द्वारा ओवर ऐज खिलाड़ियों को यूपी की ओर से शामिल कर बैमानी की गयी, जो निश्चित तौर पर भावी खिलाड़ियों को मायूस करना है. उन्होंने कहा कि पूर्व में भी वीएफआइ का यह रवैया उजागर होते रहा है जो खेल-खिलाड़ी व वीएफआइ के भविष्य के लिए निराशाजनक है. हालांकि, वीएफआइ के उपाध्यक्ष व प्रतियोगिता के नियंत्रण कमेटी के चेयरमैन शेखर बोस ने गुजरात के कोच व अंतराष्ट्रीय रेफरी चंदर सिंह के आरोपों को बेबुनियाद बताया.

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