12 माओवादियों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृत्यादेश

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छपरा(कोर्ट) : साढ़े तीन साल पूर्व मकेर थाना क्षेत्र के बाढ़ीचक में घटना की योजना बनाते हुए पकड़े गये माओवादियों के विरुद्ध अभियोजन चलाने के लिए राज्य सरकार के गृह विभाग के अपर सचिव ने स्वीकृति दी है . सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि मकेर थाना कांड संख्या 50/16 के अभियुक्तों के […]

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छपरा(कोर्ट) : साढ़े तीन साल पूर्व मकेर थाना क्षेत्र के बाढ़ीचक में घटना की योजना बनाते हुए पकड़े गये माओवादियों के विरुद्ध अभियोजन चलाने के लिए राज्य सरकार के गृह विभाग के अपर सचिव ने स्वीकृति दी है . सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि मकेर थाना कांड संख्या 50/16 के अभियुक्तों के विरुद्ध विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1967 (37) की धारा 16, 17, 18, 20, 38, 39 व 40 के अधीन दंडनीय अपराध कारित करने का प्रथम दृष्टया आरोप बनता है.

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इनके विरुद्ध दी गयी है स्वीकृत्यादेश : अपर सचिव ने जिन 12 अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति दी है, उनमें सारण मकेर थाने के बाढ़ीचक निवासी अनिल सहनी, अमीन सहनी व अंबिका महतो, पानापुर थाने के बसाहियां निवासी पंकज राय व हरिहर सहनी, दरियापुर थाने के भगवानपुर निवासी दीपक उर्फ विवेक राम, अमनौर थाने के मधुबनी निवासी विकास राय, सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर थाने के सुभईगढ़ निवासी मुकेश पटेल, वैशाली के लालगंज थाने के जहानाबाद निवासी सुभाष उर्फ चंदन गुप्ता, मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी थाने के काझीपकड़ी निवासी जयंत उर्फ मोहन राम, पश्चिम चंपारण के लोकरिया थाने के हरनाटांड़ निवासी लक्ष्मण सोनी और दरभंगा के बहेड़ी थाने के लालपुर निवासी नकुल उर्फ अमरलाल देव शामिल हैं.
कांड के आइओ व एपीपी ने किया पत्राचार : दो मई 2016 को दर्ज कांड संख्या 50/16 के अभियुक्तों के विरुद्ध कांड के आइओ ने अभियोजन चलाने के लिए सरकार को पत्र लिखा था, परंतु सरकार की ओर से कोई आदेश निर्गत नहीं हुआ और कोर्ट में मामले का विचारण चलता रहा.
सरकार से आदेश प्राप्त नहीं होने पर सरकार के अधिवक्ता एपीपी सुनील कुमार चौधरी ने स्वीकृत्यादेश के लिए एसपी, डीएम, डीजीपी, अभियोजन निदेशक और गृह विभाग के सचिव को पत्राचार कर आदेश का आग्रह किया. फलस्वरूप स्वीकृत्यादेश प्राप्त हुआ है. एपीपी श्री चौधरी ने बताया कि उक्त मामले में इसी माह में निर्णय आना था, परंतु आदेश प्राप्ति के उपरांत निर्णय की तिथि बढ़ा दी गयी है.
क्या है पूरा मामला
वर्ष 2016 के दो मई को मकेर के तत्कालीन थानाध्यक्ष संजय कुमार गुप्ता को गुप्त सूचना मिली थी कि माओवादियों द्वारा माओवादी घटना को अंजाम देने के लिए बाढ़ीचक दियारे में बैठक की जा रही है. सूचना पर वे दलबल के साथ स्थल पर पहुंचे जहां बैठक चल रही थी. पुलिस को देखते ही माओवादी भागे, परंतु पुलिस ने आधा दर्जन सदस्यों को गिरफ्तार किया था. साथ ही उनके पास से भारी मात्रा में गोला, बारूद व हथियार भी बरामद किये गये थे.
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