Hindi Day: hindee divas: मोहनपुर के युवक ने चालीस प्रकाशित पुस्तकों से किया हिन्दी को समृद्ध
Author Prabhat khabar news desk
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प्रखंड के धरनीपट्टी गांव निवासी एक युवक ने हिन्दी साहित्य को चालीस प्रकाशित पुस्तकें देकर समृद्ध किया है. इनमें से करीब बीस पुस्तकें मौलिक हैं और बीस संपादित पुस्तकें भी शामिल हैं.
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Hindi Day: hindee divas:
मोहनपुर : प्रखंड के धरनीपट्टी गांव निवासी एक युवक ने हिन्दी साहित्य को चालीस प्रकाशित पुस्तकें देकर समृद्ध किया है. इनमें से करीब बीस पुस्तकें मौलिक हैं और बीस संपादित पुस्तकें भी शामिल हैं. इस युवक ने लंबे समय तक पत्रकारिता करते हुए हिन्दी साहित्य में शुद्ध भाषा और प्रबुद्ध विचारों को प्रसारित किया है. इन्हें समूचे देश में प्रतिष्ठा भी मिली और दर्जनों सम्मान भी मिले. पत्रकारिता की लंबी पारी खेलने के बाद वे इन दिनों राज्य सरकार के उच्च माध्यमिक शिक्षा विभाग में हिंदी का अध्यापन कर रहे हैं. अश्विनी कुमार पंडित नामक इस युवक का साहित्यिक नाम अश्विनी कुमार आलोक है. इनके पिता बैद्यनाथ पंडित प्रभाकर सुख्यात कवि और उद्घोषक रहे हैं. अश्विनी कुमार आलोक ने देश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं के संपादक की भूमिका निभाई है. ऐसी पत्र पत्रिकाओं की संख्या ढाई दर्जन से ऊपर हैं. साहित्यिक पत्रिकाओं के अलावा वे राजनीतिक पत्र-पत्रिकाओं के भी संपादक रहे हैं. सरकारी नौकरी में जाने के कारण उन्होंने पत्रकारिता भले छोड़ दी, लेकिन सामयिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर आज भी अनेक पत्र – पत्रिकाओं में स्तंभ लिखते हैं. वे अनेक पत्र- पत्रिकाओं के अतिथि संपादक भी बनाये जा चुके हैं, इनमें हिन्दी की समृद्धि के लिए इनके अतिथि संपादकत्व में प्रकाशित ””””””””प्रताप शोभा”””””””” नामक पत्रिका के राष्ट्रभाषा अंक की बहुत चर्चा हुई है.Hindi Day: hindee divas: अश्विनी कुमार आलोक ने हिन्दी के अतिरिक्त अन्य अनेक लोक भाषाओं को भी समृद्ध किया
अश्विनी कुमार आलोक ने हिन्दी के अतिरिक्त अन्य अनेक लोक भाषाओं को भी समृद्ध किया है. उनकी पुस्तकों का अनेक भाषाओं में अनुवाद भी हो चुका है. उन्होंने कथा, उपन्यास, कविता, समालोचना, निबंध, साक्षात्कार आदि अनेक विधाओं को समृद्ध किया है. देश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर उनकी साहित्य रचनाएं प्रकाशित हो रही हैं. उन्होंने वैशाली महोत्सव स्मारिका, वैशाली स्थापना दिवस समारोह स्मारिका, केवल महाराज मेला आदि सरकारी स्मारिकाओं का भी संपादन किया है. नूनू प्रसाद सिंह शिखर पुरस्कार, रमा अनुरागी शिखर पुरस्कार, धनपति देवी कथा पुरस्कार से सम्मानित अश्विनी कुमार आलोक को जिला प्रशासन ने छात्रों में सृजनात्मक प्रतिभा के विकास के लिए बीते पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित किया है. वह जब मोहनपुर प्रखंड के बीआरसीसी थे, उस दरम्यान उन्होंने प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की रचनाओं के दो संकलन ””””””””आरंभ”””””””” और ””””””””पंख”””””””” प्रकाशित किये थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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