समस्तीपुर में बढ़ी आर्थिक रफ्तार: जुलाई में सड़कों पर उतरे 3,781 नए दोपहिया वाहन, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में भी भारी उछाल
समस्तीपुर में बढ़ी आर्थिक रफ्तार: जुलाई में सड़कों पर उतरे 3,781 नए दोपहिया वाहन, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में भी भारी उछाल
समस्तीपुर में जुलाई महीने में 3700 से अधिक नई बाइक और कारों का पंजीकरण हुआ है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जिला परिवहन कार्यालय: समस्तीपुर जिले में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और परिवहन विभाग की सुगम डिजिटल सेवाओं का सीधा असर सड़कों पर दिखाई दे रहा है. जिला परिवहन कार्यालय द्वारा जारी जुलाई 2026 के आंकड़ों से यह स्पष्ट हो गया है कि जिले में नए वाहनों की खरीदारी और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की रफ्तार में अभूतपूर्व उछाल आया है. लोगों की बढ़ती क्रय-शक्ति जिले की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शा रही है.
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दोपहिया वाहनों की मांग सबसे अधिक, निजी कारों का भी बढ़ा क्रेज
जिले में वाहनों के बेड़े में सबसे बड़ा योगदान दोपहिया वाहनों का रहा है, जबकि कृषि व व्यावसायिक वाहनों में भी बढ़ोतरी देखी गई है:
- दोपहिया वाहनों की संख्या: अकेले जुलाई महीने में 3,781 नई मोटरसाइकिलें और स्कूटर पंजीकृत किए गए, जिससे जिले में कुल पंजीकृत दोपहिया वाहनों की संख्या बढ़कर 15,466 तक पहुंच गई है.
- निजी कारें: निजी चार पहिया वाहनों का रुझान भी बढ़ा है. जुलाई में 62 नई कारों के पंजीकरण के साथ कुल संख्या बढ़कर 324 हो गई है.
- व्यावसायिक व कृषि क्षेत्र: आर्थिक व कृषि गतिविधियों के तहत जुलाई में 126 मालवाहक वाहन (ट्रक, एलसीवी, ट्रैक्टर) और 33 नए पैसेंजर वाहन (ऑटो और टैक्सी) सड़कों पर उतरे हैं.
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में आगे आ रहे युवा व महिलाएं
वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ नागरिक यातायात नियमों का पालन करने में भी आगे आ रहे हैं. जुलाई माह में कुल 4,297 ड्राइविंग लाइसेंस (नए व नवीनीकरण) जारी किए गए. अब तक कुल 22,192 आवेदन प्रक्रिया में शामिल हो चुके हैं. जुलाई में 3,402 पुरुषों और 130 महिलाओं को नए लाइसेंस जारी किए गए, जबकि 240 पुराने लाइसेंस नवीनीकृत हुए. आत्मनिर्भरता की राह पर चलते हुए जिले की 736 महिलाएं अब तक नॉन-प्रोफेशनल ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर चुकी हैं.
डिजिटलीकरण से व्यवस्था हुई पारदर्शी, सरकारी राजस्व में इजाफा
परिवहन विभाग के अनुसार, पंजीकरण और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं के ऑनलाइन होने से बिचौलिया संस्कृति समाप्त हुई है. घर बैठे ऑनलाइन आवेदन और पारदर्शी प्रणाली के कारण आम लोगों को काफी सुविधा हो रही है. कागजी प्रक्रिया आसान होने से लोग स्वेच्छा से दस्तावेज बनवा रहे हैं, जिससे जिला परिवहन कार्यालय के राजस्व संग्रह में भी निरंतर वृद्धि दर्ज हो रही है.
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