कलह ने छीनी मां की ममता, 10 दिन की बिलखती नवजात को देख रो पड़ा पूरा गांव, दादा-दादी के कंधों पर जिम्मेदारी
कलह ने छीनी मां की ममता, 10 दिन की बिलखती नवजात को देख रो पड़ा पूरा गांव, दादा-दादी के कंधों पर जिम्मेदारी
बिहार के मोरवा में पति-पत्नी की संदिग्ध मौत से परिवार उजड़ गया है। अब तीन मासूम बच्चों की जिम्मेदारी उनके बुजुर्ग दादा-दादी के कंधों पर आ गई है।
चकलालशाही दंपती मौत: गृह क्लेश और आपसी विवाद की आग जब भड़कती है, तो वह केवल रिश्तों को ही नहीं जलाती, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की तकदीर पर भी गहरा अंधेरा पोत देती है. समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र अंतर्गत चकलालशाही गांव में घटी दिल दहला देने वाली घटना इसका जीता-जागता और करुण उदाहरण बन गई है. पारिवारिक विवाद के खूनी अंत ने एक ही झटके में माता-पिता दोनों की जान छीन ली और पीछे छोड़ गया तीन ऐसे मासूमों को, जिन्हें अभी यह भी नहीं मालूम कि अब उनकी दुनिया हमेशा के लिए वीरान हो चुकी है.
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सिसकियों में गूंजती पुकार: 10 दिन की नन्हीं जान को अब कौन देगा मां का दुलार
घर के एक कोने में पड़े पालने और आंसुओं से भीगे बिस्तरों का मंजर किसी भी पत्थर दिल इंसान को झकझोर देने के लिए काफी है. उस 10 दिन की नवजात बच्ची की आंखें अब भी अपनी मां की ममतामयी छुअन और दूध की तलाश में बिलख रही हैं, जिसे अभी ठीक से आंखें खोलकर दुनिया देखना भी नसीब नहीं हुआ था.
अनाथ मासूमों की हृदयविदारक स्थिति:
- आयांश (3 वर्ष): दरवाजा खुलने की हर आहट पर मां-बाप के लौट आने की उम्मीद में टकटकी लगाए बैठा रहता है.
- श्रेयांश (2 वर्ष): रोते-रोते बेसुध हो जाता है और परिजनों के आंचल में अपनी मां की खुशबू तलाशता है.
- नवजात बच्ची (10 दिन): मां की ममता और दूध से महरूम यह नन्हीं जान केवल रोकर अपना दर्द बयां कर रही है.
बूढ़े कंधों पर टूटा दुखों का पहाड़, जांच की उठी मांग
कलह की इस त्रासदी ने बुजुर्ग दादा-दादी को जीते जी तोड़ दिया है. बेटे और बहू को खोने के असहनीय गम के बीच अब उनके कांपते कंधों पर तीन मासूमों के भरण-पोषण और जिंदगी संवारने का पहाड़ जैसा बोझ आ गिरा है. आर्थिक तंगी और बेबसी के बीच परिजनों ने ससुराल पक्ष पर सूरज की हत्या का आरोप लगाते हुए हलई थाने में निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है. घटना को लेकर बताया गया कि पति सूरज सहनी ने पत्नी संजुला को गोली मारी और बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली. हालांकि मृतक सूरज सहनी के परिजनों ने इसे सामान्य घटना मानने से इनकार किया है. उन्होंने हलई थाने में आवेदन देकर ससुराल पक्ष पर सूरज की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है और निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है. वीआईपी पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष यशवंत सहनी ने भी मामले की गहन जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग की है. लेकिन कलह की इस आग ने जो घाव इन मासूमों को दिए हैं, वे ताउम्र कभी नहीं भर पाएंगे.
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