कोसी का आस्था केंद्र 'बाबा वाणेश्वर मंदिर', जहां जलाभिषेक मात्र से दूर होती हैं जीवन की बाधाएं
बाबा वाणेश्वर मंदिर | Prabhat Khabar Network
कोसी प्रमंडल का 'बाबा वाणेश्वर मंदिर' श्रद्धा, साधना और शिवभक्ति का अनूठा संगम है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद अवश्य पूरी होती है. यह मंदिर भक्तों के लिए कष्ट निवारण का प्रमुख केंद्र है.
कोसी प्रमंडल के प्रमुख आध्यात्मिक व धार्मिक केंद्रों में सहरसा जिले के कहरा प्रखंड अंतर्गत देवना स्थित 'बाबा वाणेश्वर मंदिर' का स्थान अत्यंत विशिष्ट है. वर्षों पुराना यह पावन धाम श्रद्धा, साधना और शिवभक्ति का अद्भुत संगम है. मान्यता है कि बाबा वाणेश्वर के दरबार में सच्चे मन से की गई पूजा कभी निष्फल नहीं जाती और भोलेनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी कर जीवन के समस्त कष्टों व बाधाओं का निवारण करते हैं. यही कारण है कि स्थानीय स्तर के अलावा बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु यहां जलाभिषेक और दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं.
प्राचीन धार्मिक परंपरा और अलौकिक शांति का अनुभव
देवना स्थित बाबा वाणेश्वर धाम अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा और शांत वातावरण के लिए विख्यात है:
- दिव्य शिवलिंग के दर्शन: मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को असीम मानसिक व आध्यात्मिक शांति की अनुभूति होती है. गर्भगृह में स्थापित पावन शिवलिंग के दर्शन मात्र से भक्तों की आस्था और गहरी हो जाती है.
- नियमित धार्मिक अनुष्ठान: धाम में पूरे साल नियमित रुद्राभिषेक, वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहता है. सुबह की मंगला आरती से लेकर संध्या महाआरती तक मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहता है.
- परिसर का कायाकल्प: हाल के वर्षों में स्थानीय स्तर पर मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे इसकी भव्यता और बढ़ गई है.
महाशिवरात्रि और श्रावणी मेले में जुटती है भारी भीड़
बाबा वाणेश्वर धाम में प्रमुख धार्मिक पर्वों पर अलौकिक और उत्सव जैसा माहौल देखने को मिलता है:
- कांवरियों का जुटान: पवित्र सावन माह में दूर-दराज के क्षेत्रों से गंगाजल लेकर आने वाले डाक बम और कांवरिया बाबा का जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं.
- महाशिवरात्रि का विशेष आकर्षण: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा का विशेष फूलों व बेलपत्र से दिव्य श्रृंगार किया जाता है. इस दिन बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से मंदिर प्रांगण में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिसमें नामचीन कलाकारों द्वारा शिव भजनों की प्रस्तुति दी जाती है.
धार्मिक पर्यटन और जन-आस्था का मुख्य केंद्र
| प्रमुख विशेषता | विवरण |
| स्थान | देवना, कहरा प्रखंड (सहरसा, बिहार) |
| मुख्य देवता | भगवान शिव (बाबा वाणेश्वर) |
| धार्मिक महत्व | मनोकामना पूर्ति, कष्ट निवारण एवं परिवार की सुख-समृद्धि |
| प्रमुख उत्सव | श्रावणी मेला, महाशिवरात्रि, सावन सोमवारी |
| विशेष आयोजन | महाशिवरात्रि पर कला-संस्कृति विभाग द्वारा सांस्कृतिक संध्या |
स्थानीय निवासियों का अटूट विश्वास है कि बाबा वाणेश्वर की असीम अनुकंपा से पूरे क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का वास रहता है.
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