परीक्षा से कई वंचित
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Feb 2016 7:44 AM (IST)
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गलतफहमी. डीएवी सेमरा की जगह पहुंचे डीएवी तेंदुनी बिक्रमगंज (कार्यालय) : शहर में इंटर के दो परीक्षा केंद्रों के नाम एक तरह से होने के कारण कई परीक्षार्थी अपने परीक्षा केंद्र की बजाय दूसरे केंद्र पर पहुंच गये और केंद्राधीक्षक की लापरवाही के कारण वह परीक्षा से वंचित रह गये. जानकारी के अनुसार, शहर में […]
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गलतफहमी. डीएवी सेमरा की जगह पहुंचे डीएवी तेंदुनी
बिक्रमगंज (कार्यालय) : शहर में इंटर के दो परीक्षा केंद्रों के नाम एक तरह से होने के कारण कई परीक्षार्थी अपने परीक्षा केंद्र की बजाय दूसरे केंद्र पर पहुंच गये और केंद्राधीक्षक की लापरवाही के कारण वह परीक्षा से वंचित रह गये.
जानकारी के अनुसार, शहर में डीएवी पब्लिक स्कूल के नाम से दो विद्यालय है. इनके बीच की दूरी पांच किलोमीटर है. दोनों विद्यालयों में अलग-अलग स्कूलों का परीक्षा केंद्र बनाया गया है. शुक्रवार को लगभग आधा दर्जन परीक्षार्थी जिनका परीक्षा केंद्र डीएवी सेमरा में था. जानकारी के अभाव में डीएवी तेंदुनी में पहुंच गये. न सिर्फ गलत परीक्षा केंद्र पर पहुंचे, बल्कि वीक्षक द्वारा इन्हें कॉपी व प्रश्न पत्र भी दे दिया गया.
लगभग एक घंटा तक वह उसी केंद्र में परीक्षा देते रहे. एक घंटा के बाद जब वीक्षक द्वारा उनकी उपस्थिति बनाने की प्रक्रिया शुरू की गयी, तो पता चला कि यह उनका परीक्षा केंद्र है ही नहीं. इनका परीक्षा केंद्र डीएवी सेमरा में है. उसी समय उन सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष से निकाल दिया गया और उनसे कॉपी ले ली गयी. परीक्षार्थियों ने बताया की सही परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में उन्हें डेढ़ घंटे से भी अधिक समय लग गया. वहां केंद्राधीक्षक ने उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमित नहीं दी और वह परीक्षा से वंचित हो गये. यदि परीक्षा कक्ष में प्रवेश के समय उनके प्रवेश पत्र की जांच की जाती, तो शायद वह अपने सही परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुंच जाते और परीक्षा से वंचित नहीं होते. डीएवी तेंदुनी के केंद्राधीक्षक कृष्णा बेरा ने बताया कि इसमें परीक्षार्थियों व अभिभावक की गलती है.
उन्हें केंद्र की सही जानकारी लेनी चाहिए थी. इसमें हमारी कोई गलती नहीं है. ऊधर, अभिभावक या परीक्षार्थियों द्वारा इस संबंध में कहीं भी शिकायत दर्ज नहीं करायी गयी है. वह बताते हैं कि हम लोग नहीं समझ सके की कहा शिकायत करें. लेकिन, व्यवस्था में कमी के कारण उन सभी छात्राओं का भविष्य अधर में जरूर लटक गया.
संस्कृत के बदले उर्दू की परीक्षा लेने के मामले में होगी कार्रवाई : डीएम, संस्कृत के बदले उर्दू की परीक्षा लेने वाले वीक्षक पर कार्रवाई होगी. जांच के बाद परीक्षार्थियों के भविष्य का फैसला होगा.
यह बातें डीएम अनिमेष कुमार पराशर ने कहीं. डीएम ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद एक जांच टीम गठित की गयी है, जो जल्द ही अपना रिपोर्ट देगी. गौरतलब है कि 25 फरवरी को पहली पाली में संगीत कुमारी और उसके साथ अन्य छह छात्राओं को संस्कृत के बदले उर्दू के पेपर दे परीक्षा देने पर विवश करने वाले वीक्षक की वजह से इन परीक्षार्थियो का भविष्य अधर में लटक गया है. इसकी जिम्मेवारी कोई लेने को तैयार नहीं है.
इधर, अंजबित सिंह कॉलेज के प्रचार्य डॉ जवाहर लाल कहते हैं कि इस मामले की कोई लिखित जानकारी उनको नहीं है. जबकि, शुक्रवार को पीड़िता संगीता कुमारी ने एसडीओ, डीएम सहित शिक्षा मंत्री तक को अपना अावेदन भेजा है. पीड़िता के पिता अछेलाल चौधरी ने कॉलेज के प्रचार्य सह केंद्राधीक्षक पर आरोप लगाया कि डरी सहमी लड़कियों को संस्कृत के बदले उर्दू का पेपर देकर जबरदस्ती परीक्षा लिया गया है.
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