पूर्णिया जंक्शन के नाम कई उपलब्धियां, स्टेशन प्रबंधक को 10 वर्षों में मिले विभिन्न सम्मान
बेहतर कार्य के लिए स्टेशन प्रबंधक के सम्मानित करते अधिकारी. | Prabhat Khabar Network
पूर्णिया जंक्शन को यात्री सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षित परिचालन और राजस्व वृद्धि के लिए कई पुरस्कार मिले. स्टेशन प्रबंधक के कार्यों की सराहना.
पूर्णिया : पूर्णिया जंक्शन पर स्वच्छता, यात्री सुविधाओं में सुधार, सुरक्षित रेल परिचालन और रेलवे के राजस्व में वृद्धि के लिए किये गये प्रयासों को विभिन्न स्तरों पर सराहना मिली है. स्टेशन प्रबंधक को वर्ष 2016 से 2026 के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान के लिए मंडल रेल प्रबंधक, महाप्रबंधक और रेलवे बोर्ड स्तर पर कई पुरस्कार एवं सम्मान मिलने की जानकारी दी गई है.
स्वच्छता और सुरक्षित परिचालन के लिए मिला सम्मान
वर्ष 2016 में स्टेशन के बेहतर रखरखाव और स्वच्छता के लिए सर्वश्रेष्ठ रखरखाव स्टेशन पुरस्कार मिला. वर्ष 2017 में सुरक्षित रेल परिचालन और स्टेशन प्रबंधन के लिए सुरक्षित स्टेशन पुरस्कार तथा 2018 में मंडल रेल प्रबंधक पुरस्कार से सम्मानित किया गया. वर्ष 2021 में भी बेहतर रखरखाव और स्वच्छता के लिए सम्मान मिला.
अप्रैल 2022 में वर्ष 2019 से 2022 के दौरान स्टेशन की आय बढ़ाने, यात्रियों की शिकायतों के निवारण और यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक ने सम्मानित किया. मई 2022 में रेलवे बोर्ड की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने का भी उल्लेख है.
हिंदी के प्रचार-प्रसार और परिचालन में योगदान
वर्ष 2023 में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और कार्यालयी कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सम्मान मिला. वर्ष 2026 में संसदीय राजभाषा समिति ने सिलीगुड़ी में आमंत्रित किया. इसी वर्ष उत्कृष्ट परिचालन कार्यों के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक की ओर से सम्मानित किये जाने की जानकारी भी दी गई है.
कोविड काल में 237 श्रमिक विशेष ट्रेनों का परिचालन
कोविड-19 महामारी के दौरान पूर्णिया जंक्शन से करीब 237 श्रमिक विशेष ट्रेनों का परिचालन हुआ. इनके माध्यम से लगभग 11 हजार से 11,500 श्रमिकों के आवागमन की व्यवस्था की गई. इस दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए करीब 384 मालगाड़ियों का परिचालन भी किया गया.
पूर्णिया और आसपास के कृषि प्रधान क्षेत्रों की उपज के परिवहन में भी स्टेशन की भूमिका रही. उपलब्ध विवरण के अनुसार, संबंधित अवधि में पूर्णिया जंक्शन से करीब 102 रैक मक्का का लदान किया गया. इससे रेलवे के माल ढुलाई राजस्व में योगदान मिला.
स्टेशन प्रबंधन के इन प्रयासों में स्वच्छता, यात्री सुविधाओं, सुरक्षित परिचालन, राजस्व वृद्धि और राजभाषा हिंदी के प्रयोग को प्रमुखता दी गई है.
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