पूर्णिया यूनिवर्सिटी के सामने जुटे डिग्री कॉलेज के शिक्षक व कर्मी; लंबित भुगतान और मानदेय बढ़ाने को लेकर गर्माया माहौल

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फोटो- पूर्णिया विश्वविद्यालय के समक्ष लंबित मांगों के समर्थन में एकदिवसीय धरना देते फैक्टनैब से जुड़े शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी.

पूर्णिया विश्वविद्यालय के समक्ष शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया। उनकी मुख्य मांगों में छात्राओं के लिए शुल्क क्षतिपूर्ति की पुरानी व्यवस्था बहाल करना और उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन के पारिश्रमिक में वृद्धि शामिल है।

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पूर्णिया. बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ फैक्टनैब के आह्वान पर लंबित मांगों के समर्थन में बुधवार को पूर्णिया विश्वविद्यालय के समक्ष एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया गया. धरना में शामिल शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने विभिन्न लंबित मांगों के जल्द समाधान की मांग की.

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छात्राओं की शुल्क क्षतिपूर्ति की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

धरना में वक्ताओं ने शिक्षा विभाग के 2 जनवरी 2014 के पत्र के अनुरूप अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सभी वर्गों की छात्राओं के लिए शुल्क क्षतिपूर्ति की पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग की. वक्ताओं ने कहा कि अन्य सरकारी योजनाओं की तरह शुल्क क्षतिपूर्ति की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जानी चाहिए, ताकि छात्राओं को योजना का लाभ समय पर मिल सके.

उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन का पारिश्रमिक बढ़ाने की मांग

फैक्टनैब के प्रतिनिधियों ने पूर्णिया विश्वविद्यालय से उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए मिलने वाले पारिश्रमिक में वृद्धि की मांग की. साथ ही ठहराव भत्ता तथा टीए-सीए को अन्य विश्वविद्यालयों की तर्ज पर बढ़ाने की मांग रखी गई. धरना में वक्ताओं ने कहा कि बढ़ी हुई दरों को दिसंबर 2025 के सत्र से लागू किया जाए. इसके अलावा लंबित मूल्यांकन पारिश्रमिक का शीघ्र भुगतान करने की भी मांग की गई.

प्रायोगिक परीक्षाओं का लंबित भुगतान एकमुश्त करने की मांग

धरना के दौरान प्रायोगिक परीक्षाओं से संबंधित सभी लंबित भुगतान एकमुश्त करने की भी मांग उठाई गई. कर्मचारियों और शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से विभिन्न मदों की राशि लंबित रहने से संबंधित लोगों को परेशानी हो रही है.

कई शिक्षक और कर्मचारी धरना में हुए शामिल

एकदिवसीय धरना में अरुण कुमार, उपाध्यक्ष प्रो. आलोक कुमार, अरविंद कुमार सिंह, ओमप्रकाश मेहता, अजय कुमार, इंदुभूषण यादव, जटाशंकर राय, राजू यादव, बिरेंद्र मेहता और पियूष पुजारा सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल हुए. धरना में शामिल लोगों ने विश्वविद्यालय और संबंधित विभाग से मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की.

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