पूर्णिया: प्रधान लिपिकों की बैठक में DM अंशुल कुमार के कड़े तेवर; लॉगबुक में हर पत्र की एंट्री अनिवार्य, सेवानिवृत्ति के दिन ही देने होंगे सभी सेवांत लाभ
बैठक की अध्यक्षता करते डीएम अंशुल कुमार | Prabhat Khabar Network
पूर्णिया समाहरणालय में प्रधान लिपिकों की समीक्षा बैठक में डीएम अंशुल कुमार ने सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाया. फाइलों के रख-रखाव और सेवांत लाभों के भुगतान में देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए. अब सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के दिन ही सभी लाभ मिलेंगे.
सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी, गतिमान और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से पूर्णिया समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में प्रधान लिपिकों की उच्चस्तरीय मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. जिला पदाधिकारी (DM) अंशुल कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी विभागों के लिपिकों व प्रधान लिपिकों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई. डीएम ने फाइलों के रख-रखाव, पत्रों की प्राप्ति और सेवांत लाभों के निपटारे में कोताही पर नाराजगी जताते हुए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए. उन्होंने स्पष्ट किया कि दफ्तरों में ऑनलाइन या ऑफलाइन आने वाले प्रत्येक पत्र का व्यवस्थित संधारण लॉगबुक में दर्ज होना अनिवार्य है, साथ ही सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को विदाई के दिन ही उनका पूरा हक मिलना चाहिए.
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पत्रों की कम एंट्री पर जताई नाराजगी, लॉगबुक मेंटेनेंस अनिवार्य
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने कार्यालयों में आवक पत्रों (Inward Letters) की संधारण लॉगबुक में कम प्रविष्टि मिलने पर गहरा खेद व्यक्त किया. उन्होंने निर्देश दिया कि पत्र चाहे ऑफलाइन डाक से मिले या ऑनलाइन ई-ऑफिस पोर्टल के माध्यम से, उसकी तत्काल प्रविष्टि संधारण लॉगबुक में की जानी चाहिए. डीएम ने आदेश दिया कि:
- सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण पत्रों पर नियमानुसार मार्किंग करते हुए उन्हें त्वरित रूप से संचिका (File) में प्रस्तुत किया जाए.
- लिपिक महत्वपूर्ण व संवेदनशील पत्राचार को अपनी व्यक्तिगत डायरी में भी दर्ज करें, ताकि तय समय-सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित हो सके.
रोकड़ पंजी (Cash Book) और अदालती मामलों पर सख्त निर्देश
वित्तीय पारदर्शिता को लेकर डीएम ने सख्त हिदायत दी कि आगामी मासिक समीक्षा बैठक से पूर्व सभी कार्यालयों की रोकड़ पंजी पर संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) के हस्ताक्षर हर हाल में करा लिए जाएं. इसके अलावा, विभिन्न न्यायालयों से प्राप्त वादों (Court Cases) और अवमानना से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर ससमय निष्पादन करने का निर्देश दिया गया.
रिटायरमेंट के दिन ही मिले पूरा सेवांत लाभ, 6 माह पहले शुरू हो तैयारी
कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए डीएम अंशुल कुमार ने एक बड़ा और मानवीय निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को उनके रिटायरमेंट की तिथि पर ही पेंशन, ग्रेच्युटी, भविष्य निधि और अवकाश नकदीकरण सहित सभी देय सेवांत लाभ अनिवार्य रूप से सौंप दिए जाएं. इसके लिए:
- किसी भी कर्मी की सेवानिवृत्ति की निर्धारित तिथि से कम-से-कम 6 माह पूर्व ही सभी आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली जाएं.
- पेंशन पत्रों और सेवांत लाभों की गणना पहले से मुकम्मल रखी जाए, ताकि विदाई के समय कर्मचारी को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें.
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) विनय कुमार साह, स्थापना उप समाहर्ता इंद्रजीत कुमार सहित कलेक्ट्रेट के विभिन्न प्रशाखाओं के प्रभारी पदाधिकारी, विभिन्न प्रखंडों व विभागों के प्रधान लिपिक और सहायक कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
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