पूर्णिया: AIBE परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले नए वकीलों के गले में बंधा 'लॉयर्स बैंड', AI तकनीक से वकालत सीखने पर जोर

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कार्यक्रम में शामिल अधिवक्ता | Prabhat Khabar Network

शिक्षक दिवस पर पूर्णिया के नवोदित अधिवक्ताओं को 'लॉयर्स बैंड' पहनाकर सम्मानित किया गया. वरिष्ठ वकीलों ने उन्हें AI और टेक्निकल सेल जैसी आधुनिक तकनीकों से वकालत सीखने की प्रेरणा दी.

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विधि शिक्षा और न्यायिक सेवा के क्षेत्र में समर्पण की मिसाल पेश करते हुए पूर्णिया के अधिवक्ताओं ने शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर देश के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन किया. शहर के न्यू जय प्रकाश नगर स्थित डाबर लॉ स्टडीज सेंटर में आयोजित गरिमामय समारोह में ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले नवोदित अधिवक्ताओं के गले में पारंपरिक 'लॉयर्स बैंड' बांधकर उनका स्वागत किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई. इस दौरान वरिष्ठ वकीलों ने विधि जगत में तेजी से बदलते परिदृश्य को देखते हुए नई पीढ़ी को टेक्निकल सेल और एआई (AI) आधारित तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया.

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दीप प्रज्वलन व केक काटकर डॉ. राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, मयूर दीप प्रज्वलन और केक काटकर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके की गई. समारोह में जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता अरुणाभ भाष्कर उर्फ गौतम वर्मा और परिवार परामर्श केंद्र से जुड़ीं वरिष्ठ अधिवक्ता बबीता चौधरी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) समेत विभिन्न कानूनों के नए प्रावधानों, अदालती जिरह की बारीकियों और केस स्टडीज पर विस्तार से प्रकाश डाला.

एआईबीई उत्तीर्ण इन अधिवक्ताओं को मिला लॉयर्स बैंड

सेंटर से मार्गदर्शन प्राप्त कर ऑल इंडिया बार परीक्षा (AIBE) में सफलता का परचम लहराने वाले मेधावी अधिवक्ताओं के गले में वरिष्ठों द्वारा लॉयर्स बैंड बांधा गया. सम्मानित होने वाले नए अधिवक्ताओं में मुख्य रूप से शामिल रहे:

  • सोमा दत्ता
  • इंदु कुमारी
  • अंशु कुमारी
  • प्रेम प्यारी कुमारी
  • सरस्वती कुमारी
  • मुकेश ठाकुर
  • रवि कुमार
  • अनुज जी
  • निखिल

स्मार्ट लीगल प्रैक्टिस: टेक्निकल सेल और AI टूल्स का उपयोग

समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान दौर में वकालत केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गई है. केस रिसर्च, ड्राफ्टिंग और न्यायिक नजीरों (Precedents) को तेजी से खोजने के लिए अधिवक्ताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्निकल सेल का सहारा लेना होगा. तकनीक के सही इस्तेमाल से मुकदमों के त्वरित निष्पादन और वादकारियों को समय पर न्याय दिलाने में आसानी होगी.

मार्गदर्शन देने वाले शिक्षक-अधिवक्ता हुए सम्मानित

कानून के प्रति आमजन को जागरूक करने और विधि छात्रों में ज्ञान की अलख जगाने वाले स्टडीज सेंटर के संचालक व वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी इस मौके पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वालों में अधिवक्ता संजय डाबर, प्रदीप कुमार और विशाल चन्द्रा प्रमुख रहे. अधिवक्ता संजय डाबर ने कहा कि वकालत सिर्फ पेशा नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का सेवा माध्यम है.

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