अमौर के छह बार विधायक अब्दुल जलील मस्तान नहीं रहे, शराबबंदी लागू होने के वक्त थे बिहार के मंत्री

Updated:
विज्ञापन

पूर्व मंत्री अब्दुल जलील मस्तान

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

अमौर के छह बार विधायक रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता अब्दुल जलील मस्तान का निधन हो गया है. नई दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन से पूरे सीमांचल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है.

विज्ञापन

Abdul Jalil Mastan Death: अमौर. सीमांचल की राजनीति के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अमौर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे अब्दुल जलील मस्तान का निधन हो गया. उन्होंने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलते ही अमौर सहित पूरे सीमांचल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी. कांग्रेस समर्थकों, स्थानीय लोगों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है.

विज्ञापन

अब्दुल जलील मस्तान लंबे समय तक अमौर की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे. छह बार विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के कारण उनकी राजनीतिक पकड़ और स्थानीय लोगों से जुड़ाव काफी मजबूत माना जाता था. उनके निधन से अमौर की राजनीति में एक ऐसा खालीपन पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी.

अमौर की राजनीति में लंबा रहा मस्तान का प्रभाव

अब्दुल जलील मस्तान ने अमौर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में कई वर्षों तक सक्रिय भूमिका निभायी. विधायक के तौर पर उन्होंने लगातार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और सीमांचल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई.

स्थानीय स्तर पर उनके समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों के बीच उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहा. उनके निधन की सूचना सामने आने के बाद अमौर और आसपास के इलाकों में लोगों ने उन्हें याद करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. उनके समर्थकों के लिए यह सिर्फ एक वरिष्ठ नेता के निधन की खबर नहीं, बल्कि लंबे राजनीतिक सफर से जुड़े एक परिचित चेहरे के चले जाने का दुख है.

2015 में महागठबंधन सरकार में बने थे मंत्री

वर्ष 2015 में बिहार में महागठबंधन सरकार बनने के बाद अब्दुल जलील मस्तान को राज्य सरकार में उत्पाद, मद्य निषेध एवं निबंधन विभाग की जिम्मेदारी दी गयी थी. इसी कार्यकाल के दौरान बिहार में शराबबंदी लागू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा फैसला लिया.

वर्ष 2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू किया गया. उस समय उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की जिम्मेदारी अब्दुल जलील मस्तान के पास थी. यही वजह है कि बिहार की शराबबंदी की राजनीतिक और प्रशासनिक कहानी में उनके मंत्री कार्यकाल का भी उल्लेख महत्वपूर्ण माना जाता है.

शराबबंदी बिहार की राजनीति और सामाजिक जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाला फैसला था. इसके बाद राज्य में शराब की बिक्री और सेवन पर कानूनी रोक लागू हुई और इसे लेकर सरकार की ओर से लगातार अभियान चलाये गये.

निधन से सीमांचल की राजनीति में शोक

अब्दुल जलील मस्तान के निधन की खबर से पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ सीमांचल के राजनीतिक गलियारे में भी शोक का माहौल है. कांग्रेस समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच उनके निधन को बड़ी राजनीतिक क्षति के रूप में देखा जा रहा है.

उनसे जुड़े लोगों के लिए उनकी पहचान केवल एक पूर्व मंत्री या विधायक की नहीं थी. लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहने के कारण उनका क्षेत्र के लोगों से सीधा संपर्क रहा. यही कारण है कि उनके निधन की खबर का असर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों के बीच भी दिखाई दे रहा है.

Abdul Jalil Mastan Death: दिल्ली से गृह क्षेत्र लाया जायेगा पार्थिव शरीर

एम्स, नई दिल्ली में इलाज के दौरान निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को गृह क्षेत्र लाने की तैयारी की जा रही है. इसके बाद अंतिम संस्कार और अन्य पारिवारिक प्रक्रियाएं पूरी की जायेंगी. उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में समर्थकों और स्थानीय लोगों के पहुंचने की संभावना है.

उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, समर्थकों और स्थानीय लोगों ने शोक व्यक्त किया है. लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके लंबे राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन को याद किया.

अब्दुल जलील मस्तान का निधन ऐसे समय में हुआ है जब सीमांचल की राजनीति में अमौर की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है. छह बार विधायक और बिहार सरकार में मंत्री रह चुके मस्तान की राजनीतिक विरासत आने वाले समय में भी क्षेत्र की राजनीति में चर्चा का विषय बनी रहेगी. उनके निधन को अमौर और सीमांचल की राजनीति के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति माना जा रहा है.

Also Read: बिहार MLC चुनाव से पहले टूटा महागठबंधन? RJD के 6 प्रत्याशियों के ऐलान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम का बड़ा बयान

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन