राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग: राजस्व मामलों के निपटारे में आएगी तेजी, अपर समाहर्ता करेंगे अब अंचलाधिकारियों के राजस्व न्यायालयों की मॉनिटरिंग
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राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी लाने के लिए अब अपर समाहर्ता (ADM) अंचलाधिकारियों के राजस्व न्यायालयों की ऑनलाइन निगरानी करेंगे. यह व्यवस्था लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करेगी.
Revenue and Land Reforms Department : पटना. राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली यानी आरसीएमएस के तहत लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए अब अपर समाहर्ता यानी एडीएम अंचलाधिकारियों के राजस्व न्यायालय के कार्यों की मॉनिटरिंग करेंगे. यह कार्य ऑनलाइन सुनिश्चित करने के निर्देश से दिया गया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल स्तर पर राजस्व न्यायालयों के कामकाज और लंबित वादों के निष्पादन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
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राज्य के सभी अंचलों में अंचलाधिकारी के राजस्व न्यायालय में कुल 7211 मामलों में से 4940 का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 2271 मामले अभी लंबित हैं. लंबित मामलों में 442 मामले निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादित किए जाने वाले हैं, जबकि 1829 मामले समय-सीमा के बाद के हैं. विभाग ने इन मामलों के जल्द निपटारे के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
ऑनलाइन-ऑफलाइन कार्यप्रणाली पर भी नजर
विभागीय निर्देश के अनुसार आरसीएमएस से संबंधित कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सुनवाई की व्यवस्था वर्चुअल माध्यम से की जाती है. वीसी शेड्यूल के माध्यम से होने वाली सुनवाई की सभी कार्रवाई को रिकॉर्ड करना भी अनिवार्य किया गया है.
समीक्षा के दौरान अंचल कार्यालयों में ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यप्रणाली पर भी नजर रखने का निर्देश दिया गया. यदि किसी अंचलाधिकारी द्वारा निर्धारित व्यवस्था के विपरीत ऑफलाइन कार्य किया या पाया जाता है, तो आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा गया है.
नौ वरीय उप समाहर्ताओं को मिली नई जिम्मेदारी
सामान्य प्रशासन विभाग ने बिहार प्रशासनिक सेवा के नौ वरीय उप समाहर्ताओं को अपने कार्यों के अतिरिक्त जिम्मेदारी संबंधित अधिसूचना जारी की है. अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित पदाधिकारी अपने आवंटित अंचलों से जुड़े कार्यों का निष्पादन करेंगे.
इसका कारण यह है कि सदर अनुमंडल में राजस्व मामले बड़ी संख्या में लंबित हैं. उनके त्वरित समाधान के लिए एक अतिरिक्त अधिकारी को वरीय उप समाहर्ता की शक्ति दी गयी है. इस फेरबदल से संबंधित जिलों में राजस्व व अंचल स्तर के कार्यों के संचालन में बदलाव होगा.
इससे पहले 29 सदर अनुमंडलों में अतिरिक्त डीसीएलआर की तैनाती की जा चुकी है. अब तक कुल 38 अनुमंडलों में अतिरिक्त डीसीएलआर की तैनाती हो चुकी है.
औरंगाबाद में बेबी प्रिया को जिम्मेदारी
अधिसूचना के मुताबिक ललन कुमार भारती को शेरघाटी में पदस्थापित किया गया है. उनके जिम्मे अरियरी, बरबीघा और चेवाड़ा अंचल रहेंगे. औरंगाबाद में बेबी प्रिया को जिम्मेदारी दी गई है. उनके अधीन मदनपुर, नवीनगर और रफीगंज अंचल रहेंगे.
मुजफ्फरपुर में सौरभ राज को पदस्थापित किया गया है. उन्हें औराई, बांद्रा, बोचहा और गायघाट की जिम्मेदारी दी गई है. सहरसा में सिमरन को पदस्थापित किया गया है. उनके जिम्मे सत्तरकटैया, सौर बाजार और सोनवर्षा अंचल रहेंगे. पूर्णिया में निधि कुमारी को जिम्मेदारी दी गयी है.
मधुबनी, जमुई, गया और अरवल जिलों में जिम्मेदारी
मधुबनी में सिम्पा ठाकुर को पदस्थापित किया गया है. उन्हें बाबूबरही, कलुआही और खजौली अंचलों की जिम्मेदारी दी गयी है.
जमुई में विनोद प्रसाद के पास झाझा, खैरा, लक्ष्मीपुर, सिकंदरा और सोनो अंचल की जिम्मेदारी रहेगी. गया में अर्चना कुमारी के जिम्मे बोधगया, फतेहपुर और मानपुर अंचलों की जिम्मेदारी रहेगी. वहीं अरवल में गोविंदा कुमार मिश्रा को पदस्थापित किया गया है.
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