पटना जंक्शन पर पुलिस को देखते ही फरार हुआ दो लोगों को ट्रेन से फेंकने वाला साइको किलर, CCTV फुटेज में कैद हुई तस्वीर

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साइको किलर फरार होते हुए

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Patna Psycho Killer : दानापुर रेल मंडल में चलती ट्रेन से दो युवकों को फेंकने वाले साइको किलर रोहित तिवारी ने पुलिस को चकमा दे दिया. हालांकि, भागने के दौरान उसका मोबाइल फोन गिर गया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है. यह साइको किलर यात्रियों से लूटपाट कर उन्हें ट्रेन से फेंक देता था.

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Patna Psycho Killer : पटना के दानापुर रेल मंडल में नेऊरा और सदिसोपुर के बीच चलती ट्रेन से दो युवकों को फेंकने के मामले में रेल पुलिस को बड़ी जानकारी मिली है. घटना का आरोपी रोहित तिवारी पटना जंक्शन पहुंचा था, लेकिन पुलिस की भनक लगते ही करबिगहिया छोर की ओर भाग निकला. भागने के दौरान उसका मोबाइल फोन गिर गया, जिसे रेल पुलिस ने बरामद कर लिया है.

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CCTV फुटेज में कैद हुई रोहित की तस्वीर

रेल पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी लगातार अपना ठिकाना और लोकेशन बदल रहा था. इसी दौरान उसका लोकेशन पटना जंक्शन मिला. पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह पुलिस को देखते ही भाग गया. पटना जंक्शन के CCTV कैमरों में आरोपी की तस्वीर भी कैद हुई है.

भोजपुर के बेलसावन का रहने वाला है आरोपी

रोहित तिवारी मूल रूप से भोजपुर जिले के बेलसावन गांव का रहने वाला बताया गया है. इससे पहले भी पुलिस ने उसके खिलाफ ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट और लोगों को ट्रेन से नीचे फेंकने की घटनाओं की जानकारी जुटाई है. पुलिस उसकी गतिविधियों और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है.

खुद को STF और RPF अधिकारी बताकर करता था लूटपाट

जांच में सामने आया है कि रोहित तिवारी ट्रेन में यात्रियों को खुद को STF, RPF या GRP का अधिकारी बताता था. इसके बाद वह यात्रियों से पैसे छीन लेता था. पुलिस के मुताबिक, वह अक्सर बक्सर से ट्रेन में सवार होता और यात्रियों से लूटपाट करने के बाद अपने घर लौट जाता था.

महज 300 रुपये के लिए दो युवकों को ट्रेन से फेंका

घटना वाले दिन कैलाश और रितेश बक्सर से ट्रेन में सवार हुए थे. आरोप है कि रोहित तिवारी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर दोनों युवकों को महज 300 रुपये के विवाद में चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया. हादसे में कैलाश की मौत हो गई, जबकि रितेश गंभीर रूप से घायल हुआ और उसका इलाज चल रहा है.

रितेश से पूछताछ के बाद हुई आरोपी की पहचान

घटना के बाद रेल पुलिस ने घायल रितेश से पूछताछ की. इसके बाद बक्सर से पटना जंक्शन तक रेलवे स्टेशनों और संबंधित स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले गए. फुटेज और रितेश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने रोहित तिवारी की पहचान की.

बेलसावन में भी पुलिस ने की थी छापेमारी

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रेल पुलिस ने भोजपुर के बेलसावन गांव में भी छापेमारी की थी. हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से फरार हो गया. इसके बाद से पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर नजर रख रही है.

मोबाइल फोन से जांच को मिल सकती है नई दिशा

पटना जंक्शन से भागने के दौरान रोहित तिवारी का मोबाइल फोन गिर गया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है. अब पुलिस मोबाइल की तकनीकी जांच के जरिए आरोपी के संपर्कों, लोकेशन और घटना के बाद उसकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटा सकती है.

पहले भी लोगों को ट्रेन से फेंकने का आरोप

रेल पुलिस के मुताबिक, रोहित तिवारी पर पहले भी दो लोगों को ट्रेन से फेंकने का आरोप है. पुलिस अब इन घटनाओं की भी कड़ियां जोड़ रही है. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसके साथ इस घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे.

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