प्रभात खबर के पत्रकार से मारपीट मामले में मंत्री श्रवण कुमार का बयान, बोले- दोषियों को नहीं छोड़ा जाएगा
मंत्री श्रवण कुमार
सहरसा में प्रभात खबर के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला गर्मा गया है. इस मामले में मंत्री श्रवण कुमार ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है. जानिए आगे क्या हुआ.
Journalist Assault Case: बिहार के सहरसा जिले में सदर अस्पताल में प्रभात खबर के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ मारपीट का मामला तूल पकड़ चुका है. गोपालगंज सहित कई जिलों में पत्रकार इस घटना का विरोध कर रहे हैं. दूसरी ओर इस मामले में अब सत्ता पक्ष के नेताओं के बयान भी सामने आ रहे हैं.
मंत्री श्रवण कुमार ने क्या कहा?
इसी कड़ी में प्रभात खबर के पत्रकार के साथ मारपीट मामले पर IPRD मंत्री श्रवण कुमार का बयान भी सामने आया है. मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि, "मामला संज्ञान में आया है. जांच का निर्देश दिया गया है. जो भी दोषी पाया जाएगा उसपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी. किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा".
प्रभारी मंत्री ने मांगा शाम तक का समय
बता दें कि इस मामले में आज काफी संख्या में लोग प्रदर्शन करने पहुंचे थे. लेकिन प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी के आश्वासन के बाद प्रदर्शन रोक दिया गया.
मिथिलेश तिवारी ने लिया संज्ञान
सहरसा में सोमवार को काफी संख्या में लोग प्रदर्शन के लिए जुटे थे. लेकिन प्रदर्शन को फिलहाल रोक दिया गया. सहरसा के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस मामले में संज्ञान लिया. प्रदर्शन से ठीक पहले मिथिलेश तिवारी ने आश्वासन दिया और शाम तक का समय मांगा है. ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि SK आजाद के खिलाफ कुछ बड़ा फैसला हो सकता है.
मांग पूरी नहीं होने पर होगा आंदोलन
प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी और वरीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने आंदोलन को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया है. लेकिन मांगे पूरी नहीं होती है, तो शाम में कैंडल मार्च के साथ आंदोलन की फिर से शुरुआत होगी. ऐसे में अब मामले में कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है.
एसके आजाद बोले- फ्लो फ्लो में हो गया
सोमवार को पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट करने वाले डॉक्टर एसके आजाद से प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार रोहित और आदर्श ने बात करने की कोशिश की. डॉक्टर एसके आजाद से पूछा गया कि पत्रकार अभिषेक को पीटने वाले 20 लोग कौन थे? क्या वे सरकार को बदनाम कर रहे हैं? क्या वे स्वास्थ्य मंत्री को बदनाम कर रहे हैं? यह सवाल सुनते ही एसके आजाद ने कहा कि फ्लो-फ्लो में हो गया.
यह सवाल सुनते ही बोलती हुई बंद
इस दौरान उनसे यह भी पूछा गया कि क्या वे अपनी गलती मानते हैं और माफी मांगते हैं? इस सवाल पर एसके आजाद की बोलती बंद हो गई. इसके बाद उन्होंने कैमरा बंद करा दिया. इस तरह से इस पूरे मामले में पहली बार एसके आजाद ने रिएक्ट किया. इस दौरान पत्रकार रोहित और आदर्श ने मैनेजर डॉक्टर सिंपी को भी ढूंढने पहुंचे थे. लेकिन उन्होंने जिला स्वास्थ्य समिति का गेट बंद करवा दिया था.
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