बाढ़ की पानी में डूबा गोलघर, शेरशाह सूरी का मकबरा और महाबोधि मंदिर, पटना में 14.98 करोड़ की लागत से बने रहे पार्क का हाल-बेहाल

Updated:
विज्ञापन

बाढ़ की पानी में डूबा इलाका

Patna Waste to Wonder Park : पटना में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे निर्माणाधीन 'वेस्ट टू वंडर' पार्क बाढ़ के पानी में डूब गया है. बिहार की विरासत दर्शाने वाली प्रतिकृतियां भी जलमग्न हैं, जिससे पार्क के उद्घाटन पर अनिश्चितता छा गई है.

विज्ञापन

Patna Waste to Wonder Park : पटना के बांस घाट स्थित देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के समाधि स्थल के पास गंगा तट पर निर्माणाधीन वेस्ट टू वंडर पार्क इन दिनों बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है. करीब 10 एकड़ में बन रहे इस पार्क का निर्माण अंतिम चरण में है और अक्टूबर के अंत तक काम पूरा होने की उम्मीद है. इसे 3 दिसंबर को डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी है. हालांकि फिलहाल पूरा इलाका बाढ़ की चपेट में है.

आपके शहर में

विज्ञापन

गोलघर से महाबोधि मंदिर तक की प्रतिकृतियां भी पानी में डूबीं

वेस्ट टू वंडर पार्क में बिहार की ऐतिहासिक विरासत को दर्शाने के लिए तैयार की जा रही कई प्रमुख स्मारकों की प्रतिकृतियां भी फिलहाल बाढ़ के पानी में डूबी हुई हैं. पार्क परिसर में गोलघर, शेरशाह सूरी का मकबरा, मां मुंडेश्वरी मंदिर और महाबोधि मंदिर की प्रतिकृतियों का निर्माण कराया जा रहा था. गंगा के बढ़ते जलस्तर और परिसर में जलजमाव के कारण इन निर्माणाधीन प्रतिकृतियों के आसपास भी पानी भर गया है. इससे पार्क के अंतिम चरण के निर्माण कार्य पर असर पड़ा है. पानी निकलने के बाद इन प्रतिकृतियों और अन्य अधूरे कार्यों को तेजी से पूरा करने की तैयारी है.

निर्माण कार्य भी रूका
निर्माण कार्य भी रूका

गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर

बता दें कि, पटना में गंगा का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है. पटना सिटी के कई घाटों पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है. साथ ही गंगा में स्नान करने पर भी रोक लगा दी गयी है.

गांधी घाट पर 1.23 मीटर ऊपर बह रही गंगा

रिपोर्ट के अनुसार, गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 49.83 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है. यानी गंगा खतरे के निशान से 1.23 मीटर ऊपर बह रही है. दीघा घाट पर जलस्तर 51.01 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 50.45 मीटर से 56 सेंटीमीटर अधिक है. वहीं, हाथीदह में जलस्तर 42.06 मीटर रहा और नदी खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.

Image

भद्र घाट, नौजर घाट और महावीर घाट पर रोक

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना सिटी के भद्र घाट, नौजर घाट और महावीर घाट पर बैरिकेडिंग की गई है. इन स्थानों पर लोगों का आवागमन रोक दिया गया है. प्रशासन ने लोगों को गंगा में स्नान नहीं करने और नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की है.

SDRF और SSB की टीमें तैनात

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए SDRF की टीम को नाव और गोताखोरों के साथ तैनात किया गया है. वहीं, SSB की टीम को नाव और लाइफ जैकेट के साथ भद्र घाट पर लगाया गया है. प्रशासन लगातार गंगा के जलस्तर और स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

10 एकड़ में तैयार हो रहा है वेस्ट टू वंडर पार्क

उत्तर में जेपी गंगा पथ और दक्षिण में अशोक राजपथ के बीच करीब 10 एकड़ में वेस्ट टू वंडर पार्क विकसित किया जा रहा है. पार्क का उद्देश्य कबाड़ और अनुपयोगी सामान से तैयार कलाकृतियों के जरिए बिहार की ऐतिहासिक विरासत, कला और संस्कृति को प्रदर्शित करना है.

कबाड़ से तैयार होंगी बिहार की पहचान वाली कलाकृतियां

पार्क की खासियत यह होगी कि यहां लोहे के स्क्रैप, पुराने टायर, टूटे पाइप, बोतलें, इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट और अन्य अनुपयोगी धातु के सामान से कलात्मक संरचनाएं तैयार की जा रही हैं. पार्क में कुल 38 कलाकृतियां होंगी.

इनमें बिहार की 14 प्रमुख विभूतियों के स्कल्पचर तैयार किए गए हैं. इसके अलावा राज्य के 13 ऐतिहासिक स्मारकों की प्रतिकृतियां, सात प्रमुख पशु-पक्षियों की प्रतिकृतियां और बिहार की चार प्रमुख पेंटिंग भी पार्क का हिस्सा होंगी.

नालंदा से महाबोधि मंदिर तक दिखेगी बिहार की विरासत

पार्क में बिहार की पहचान से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थलों की प्रतिकृतियां देखने को मिलेंगी. इनमें नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष, महाबोधि मंदिर, शेरशाह सूरी का मकबरा, विक्रमशिला विश्वविद्यालय, मुंडेश्वरी मंदिर और वैशाली का अशोक स्तंभ प्रमुख हैं.

पार्क की दीवारों और अन्य हिस्सों में बिहार की पारंपरिक कला को भी जगह दी जाएगी. यहां मधुबनी, मंजूषा, टिकुली और सुजनी कला पर आधारित चित्रकारी की योजना है. इससे लोगों को एक ही परिसर में बिहार की ऐतिहासिक विरासत के साथ लोक कला की झलक भी मिलेगी.

14.98 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा निर्माण

करीब 10 एकड़ में बन रहे इस पार्क के निर्माण पर 14.98 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. निर्माण कार्य बुडको की देखरेख में चल रहा है. फिलहाल करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई है.

पाथ-वे, हॉर्टिकल्चर और इलेक्ट्रिकल से जुड़े काम भी जारी हैं. इनका करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. गंगा नहर में पानी आने के कारण फिलहाल कुछ काम प्रभावित हुआ है. पानी कम होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है.

Also Read : दानापुर में गंगा का रौद्र रूप, कई इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी, 7 पंचायतें जलमग्न, खतरे के निशान से साढ़े तीन फुट ऊपर पानी

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन