पीएमसीएच में 4315 अतिरिक्त पदों पर होगी बहाली, देशी-विदेशी पर्यटक अब गांव के घरों में भी ठहरेंगे

Updated at : 06 Aug 2024 7:31 PM (IST)
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पीएमसीएच में 4315 अतिरिक्त पदों पर होगी बहाली, देशी-विदेशी पर्यटक अब गांव के घरों में भी ठहरेंगे

पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल की स्थापना 1925 में की गयी थी. वर्तमान में इस अस्पताल की क्षमता कुल 1750 बेड की है.

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पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) को 5462 बेड के अस्पताल में पुनर्विकसित किया जा रहा है. इसको लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन के मानकों के अनुसार अस्पताल में कुल 4315 नये पदों के सृजन की स्वीकृति कैबिनेट द्वारा दी गयी.

कैबिनेट ने पीएमसीएच के 29 अनुपयोगी पदों को वापस लौटाते हुए इन पदों के सृजन की स्वीकृति दी है. पीएमसीएच की स्थापना 1925 में की गयी थी. वर्तमान में इस अस्पताल की क्षमता कुल 1750 बेड की है.

पीएमसीएच को चरणबद्द तरीके से तीन चरणों में पुनर्विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना क्रियान्वित की जा रही है. इस योजना का पहला चरण पूरा हो चुका है. इस अस्पताल में क्षमता से कई गुणा अधिक रोगी इलाज कराने आते हैं.

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गांव के घरों में ठहरेंगे देशी-विदेशी पर्यटक

देश-विदेश के पर्यटक अब बिहार के गांवों में ठहर सकेंगे. बिहार आनेवाले पर्यटकों को बिहारी संस्कृति, खान-पान और परंपरा से रूबरू होने का मौका मिलेगा. बिहार में पर्यटकों को यात्रा के दौरान विश्राम करने के लिए आरामदायक और स्वच्छ बिहारी परिवेश में कमरा उपलब्ध हो सकेगा. बिहार में पर्यटकों के लगातार आगमन को देखते हुए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री होमस्टे-बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रोत्साहन योजना 2024 की स्वीकृति दी है.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में बिहार में पर्यटकों के आगमन को देखते हुए मुख्यमंत्री होमस्टे-बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रोत्साहन योजना 2024 सहति 36 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गयी.

 कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव डाॅ एस सिद्धार्थ ने बताया कि मुख्यमंत्री होमस्टे-ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट प्रोत्साहन योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में एक से छह कमरों और दो से 12 बेड तक की अनुमति दी जायेगी. इसको लेकर होमस्टे के लिए मकान मालिक या प्रमोटर को कमरों और बेड का निबंधन पर्यटन विभाग से कराना होगा. निबंधन दो वर्ष के लिए होगा, जिसका हर साल नवीकरण कराना होगा.

पहले दो वर्ष के लिए निबंधन शुल्क पांच हजार रुपये लगेगा, जो नन रिफंडेबल होगा. योजना का लाभ उठानेवाले मकान मालिक या प्रमोटरों के लिए चेकलिस्ट तैयार किया गया है. मकान मालिक या प्रमोटर द्वारा स्थानीय थाना से चरित्र प्रमाण पत्र, मकान के कमरे व बेड के अंदर बाहर का फोटोग्राफ आवेदन के साथ पर्यटन निदेशालय के मुख्य कार्यालय या ऑनलाइन जमा कराना होगा. इसके तहत कमरे के उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी. इसके लिए प्राक्कलित राशि को पर्यटन विभाग से अनुमोदित कराना होगा.

इसके बाद बैंक से प्राप्त कर्ज की राशि के ब्याज की भरपाई पर्यटन विभाग करेगा. कर्ज की राशि अधिकतम ढाई लाख प्रति कमरे की दर से होगी. इसके तहत निबंधित होने के बाद मकान मालिक या प्रमोटर का नाम, पता, संपर्क नंबर आदि का प्रदर्शन विभागीय वेबसाइट और अन्य पर्यटन साहित्यों में किया जायेगा. होमस्टे-बेड एंड ब्रेकफास्ट का प्रचार सोशल मीडिया से विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर भी होगा. मकान मालिक को टूर पैकेज में भी शामिल किया जायेगा और टूर ऑपरेटरों को होमस्टे को आरक्षित करने के लिए प्रेरित किया जायेगा. मकान मालिक को कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण भी दिया जायेगा.

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RajeshKumar Ojha

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By RajeshKumar Ojha

Senior Journalist with more than 20 years of experience in reporting for Print & Digital.

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