कैंपस : रैकिंग में पिछड़ा पटना जिला, निरीक्षी पदाधिकारी को मिला टास्क

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जिला शिक्षा कार्यालय पटना ने सभी निरीक्षी पदाधिकारी को प्रत्येक विद्यालय का सप्ताह में कम से कम एक बार निरीक्षण करने का आदेश दिया है

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संवाददाता, पटना जिला शिक्षा कार्यालय पटना ने सभी निरीक्षी पदाधिकारी को प्रत्येक विद्यालय का सप्ताह में कम से कम एक बार निरीक्षण करने का आदेश दिया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने निर्देश जारी कर कहा है कि निरीक्षी पदाधिकारी को आवंटित विद्यालयों का कम से कम एक बार निरीक्षण करना अनिवार्य है. निरीक्षण के क्रम में पायी गयी कमियों को अपने स्तर से ससमय निष्पादन करेंगे. कुछ ऐसी कमियां होंगी, जिन्हें उनके द्वारा निष्पादन नहीं रहा हो, तो उसका निष्पादन वरीय अधिकारियों द्वारा किया जायेगा. उन्होंने खेद प्रकट करते हुए कहा है कि अधिकांश निरीक्षी पदाधिकारी और निरीक्षणकर्ता द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया जा रहा है. इस वजह से बिहार के अन्य जिलों से पटना जिले की रैकिंग काफी खराब है. निरीक्षी पदाधिकारी विद्यालय का निरीक्षण करने के बाद उसी दिन इ-शिक्षा कोष पोर्टल रिपोर्ट अपलोड करेंगे. उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देशित किया है कि जिले में पदस्थापित पदाधिकारी को मासिक भ्रमण कार्यक्रम तैयार करेंगे. इस भ्रमण कार्यक्रम में प्रत्येक महीने प्रथम तारीख से अंतिम तारीख तक सभी कार्य दिवस पर विद्यालय का भ्रमण के साथ-साथ कार्यालय में बैठक करेंगे, जिसमें विभिन्न योजनाओं का अनुश्रवण करना सुनिश्चित किया जायेगा और अपने संभाग से संबंधित कार्यों का मासिक लक्ष्य भी निर्धारित करेंगे, ताकि जिला की रैकिंग अच्छी हो सके.

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