पटना एयरपोर्ट से विदेश यात्रा होगी आसान, यहीं होगा कस्टम-इमिग्रेशन और बैगेज बुकिंग, जानिए कब से शुरू हो सकती है सुविधा
पटना एयरपोर्ट की तस्वीर
Patna Airport: बिहार से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है. अब पटना एयरपोर्ट पर ही कस्टम और इमिग्रेशन की सुविधा शुरू होने वाली है. इससे दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों की दौड़-भाग से मुक्ति मिलेगी.
Patna Airport: बिहार से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की तैयारी है. अब विदेश यात्रा के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई जैसे बड़े एयरपोर्ट पर जाकर कस्टम और इमिग्रेशन की लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी. पटना एयरपोर्ट पर ही कस्टम और इमिग्रेशन की जांच की सुविधा शुरू होने वाली है.
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यात्रियों का बैगेज भी पटना एयरपोर्ट पर ही बुक होगा. इसके बाद सामान सीधे विदेश के गंतव्य एयरपोर्ट तक भेजा जाएगा. इस सुविधा के दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है.
पटना एयरपोर्ट पर बनेंगे कस्टम-इमिग्रेशन काउंटर
पटना एयरपोर्ट पर दोनों सुविधाएं शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. कस्टम और इमिग्रेशन के लिए डिपार्चर एरिया में गेट नंबर 12 और 12-ए पर काउंटर बनाए जाएंगे.
सिविल एविएशन विभाग के सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे के मुताबिक, दोनों काउंटरों को इस साल दिसंबर या अगले साल जनवरी तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है.
अभी यात्रियों को क्यों जाना पड़ता है दिल्ली-मुंबई?
फिलहाल पटना से विदेश जाने वाले यात्रियों को कई मामलों में बड़े एयरपोर्ट से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी पड़ती है. कस्टम और इमिग्रेशन की प्रक्रिया भी इन्हीं अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर पूरी होती है.
इस वजह से यात्रियों को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई या कोलकाता जैसे एयरपोर्ट पर उतरना पड़ता है. वहां उन्हें दोबारा चेकिंग और दूसरी प्रक्रियाओं से गुजरना होता है. नई व्यवस्था शुरू होने के बाद यह परेशानी काफी कम हो जाएगी.
रोज करीब 800 यात्री पटना से जाते हैं विदेश
पटना एयरपोर्ट से हर दिन करीब 800 यात्री विदेश यात्रा करते हैं. इनमें बड़ी संख्या खाड़ी देशों में जाने वाले यात्रियों की है.
करीब 65 से 70 प्रतिशत यात्री सऊदी अरब, कतर, ओमान और कुवैत जैसे देशों में नौकरी या काम के लिए जाते हैं. इनके लिए दिल्ली, चेन्नई और मुंबई प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट हैं.
वहीं, करीब 15 से 20 प्रतिशत यात्री उच्च शिक्षा और नौकरी के लिए अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जाते हैं. इनमें ज्यादातर यात्री दिल्ली के रास्ते विदेश जाते हैं.
करीब 10 से 15 प्रतिशत यात्री थाईलैंड, वियतनाम, दुबई और उमराह यात्रा के लिए विदेश जाते हैं.
बैगेज भी पटना में ही होगा बुक
नई व्यवस्था में सिर्फ कस्टम और इमिग्रेशन जांच ही पटना में नहीं होगी. यात्रियों का बैगेज भी यहीं बुक किया जाएगा.
यानी पटना एयरपोर्ट पर सामान जमा करने के बाद उसे संबंधित अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था होगी. इससे यात्रियों को बड़े एयरपोर्ट पर सामान को लेकर होने वाली अतिरिक्त परेशानी से राहत मिलेगी.
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क्या है हब एंड स्पोक मॉडल?
पटना एयरपोर्ट पर यह व्यवस्था हब एंड स्पोक मॉडल के तहत विकसित की जाएगी. हब यानी मुख्य केंद्र. यहां यात्रियों, सामान या ट्रैफिक को एकत्र कर आगे भेजा जाता है. दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े एयरपोर्ट इसके उदाहरण हैं.
स्पोक यानी छोटे या क्षेत्रीय केंद्र. ये हब से जुड़े होते हैं. पटना, गया और रांची जैसे एयरपोर्ट को इस मॉडल में क्षेत्रीय केंद्र के तौर पर समझा जा सकता है.
नई व्यवस्था का मकसद क्षेत्रीय एयरपोर्ट से विदेश जाने वाले यात्रियों की प्रक्रिया को आसान बनाना है.
बिहार के यात्रियों को क्या होगा फायदा?
कस्टम और इमिग्रेशन पटना में शुरू होने से विदेश जाने वाले यात्रियों का समय और परेशानी दोनों बचेंगे. खासकर खाड़ी देशों में काम करने वाले यात्रियों को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है.
अभी जिन यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने के लिए दिल्ली या मुंबई जाना पड़ता है, उन्हें आगे चलकर पटना से ही ज्यादा सुविधाजनक कनेक्शन मिल सकता है. दिसंबर या जनवरी में यह व्यवस्था शुरू होने के बाद पटना एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़ी सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
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