पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा मौत मामले में कब आएगी FSL रिपोर्ट? जहानाबाद में दवा दुकानदार से ड्रग्स इंस्पेक्टर ने की पूछताछ

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नीट छात्रा मौत मामले में जल्द आएगी FSL रिपोर्ट (सांकेतिक तस्वीर)

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Neet Student Death Case: पटना में नीट छात्रा मौत मामले में ड्रग्स इंस्पेक्टर जहानाबाद के रोहित मेडिकल हॉल पहुंचे. यहां जांच के दौरान उन्हें नींद की दवा का कैश मेमो नहीं मिला. अब एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. जल्द ही एम्स पटना के डॉक्टरों की टीम भी एसआईटी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सेकंड ओपिनियन भेजेगी.

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Neet Student Death Case: हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में जांच के लिए ड्रग्स इंस्पेक्टर जहानाबाद पहुंचे. यहां उन्होंने रोहित मेडिकल हॉल में जाकर पूछताछ की. यह वही मेडिकल स्टोर है, जहां से छात्रा ने नींद की दवाईयां ली थी. ड्रग्स इंस्पेक्टर को दुकान में नींद की दवाईयां मिली, जिसका बिल मौजूद था. लेकिन यह भी सच सामने आया कि दवाओं की बिक्री के दौरान कोई कैश मेमो काटा नहीं गया.

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नींद की दवाईयों को लेकर क्या है नियम?

नियम के अनुसार, नींद की किसी भी दवा की बिक्री पर संबंधित कैश मेमो का होना अनिवार्य (Compulsory) है. जांच के बाद कहा गया कि जो भी सबूत मिले हैं, उसकी रिपोर्ट सीनियर अधिकारियों को भेजी जाएगी. पहले भी दवा दुकानदार से पूछताछ की गई थी. छात्रा की मौत से जुड़े मामले में दवा दुकान का नाम सामने आने के बाद Pharmaceutical Department एक्टिव हुआ और जांच के लिए पहुंचा.

कब आ सकती है एफएसएल रिपोर्ट?

मामले में जांच के बाद अब संभावना जताई जा रही है कि 27 जनवरी को एफएसएल रिपोर्ट आ सकती है. जल्द ही एम्स पटना के डॉक्टरों की टीम भी एसआईटी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सेकंड ओपिनियन भेज देगी. एसआईटी ने अब तक 100 जीबी सीसीटीवी कैमरे के फुटेज लिए हैं. ये फुटेज पटना जंक्शन से लेकर मुन्नाचक तक के हैं. साथ ही जहानाबाद से लेकर पटना तक इलाज करने वाले डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, हॉस्टल के वार्डन और उसके परिजनों से भी 105 जीबी का बयान रिकॉर्ड कर लिया है.

हॉस्टल के गार्ड ने क्या बताया?

5 जनवरी को छात्रा जहानाबाद से ट्रेन से पटना अपने हॉस्टल पहुंची थी. उसके साथ एक और लड़की भी हॉस्टल आई थी. हॉस्टल के गार्ड ने बताया कि वार्डन चंचल कुमारी ने बताया कि 5 जनवरी को उसके हॉस्टल से पहुंचने से लेकर 6 जनवरी को उसके अस्पताल में भर्ती होने से पहले तक उसने हॉस्टल का न तो नाश्ता किया और न ही खाना खाया था. वह हॉस्टल से बाहर भी नहीं निकली थी.

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