सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हुई PMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, OPD सेवाएं होंगी शुरू

Author Karunatiwari|Edited by Karuna Tiwari
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सरकार के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्ति की घोषणा करते PMCH के जूनियर डॉक्टर

Patna News: पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों की लंबी हड़ताल समाप्त हो गई है. स्वास्थ्य विभाग के सकारात्मक आश्वासन के बाद एसोसिएशन ने हड़ताल वापस ले ली है. इससे ओपीडी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं जल्द ही सामान्य होने की उम्मीद है.

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Patna News: बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है. बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि (IAS) के साथ हुई विस्तृत और सकारात्मक बैठक के बाद जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने तत्काल प्रभाव से हड़ताल वापस लेने का फैसला किया. हड़ताल समाप्त होने के साथ ही अस्पताल की ओपीडी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद है.

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स्वास्थ्य विभाग ने मांगों पर दिया ठोस आश्वासन

बैठक के दौरान जूनियर डॉक्टरों की सभी प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मांगों के समाधान के लिए प्रारूप तैयार कर लिया गया है. साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के साथ बैठक कराने का प्रस्ताव भी दिया गया है.

स्टाइपेंड और वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त विभाग भेजा जाएगा

स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया कि स्नातकोत्तर (PG) रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन में संशोधन का प्रस्ताव इसी सप्ताह वित्त विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. इसके अलावा एसोसिएशन की अन्य प्रशासनिक और संस्थागत मांगों का समाधान भी अगले एक महीने के भीतर करने का भरोसा दिया गया है.

दो दिनों तक मरीजों को उठानी पड़ी भारी परेशानी

हड़ताल के दौरान पीएमसीएच की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं. दूसरे दिन भी जूनियर डॉक्टरों ने रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद रखा, जिसके कारण ओपीडी में आने वाले मरीजों का पंजीकरण नहीं हो सका. बड़ी संख्या में मरीज बिना इलाज कराए लौट गए. आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थिएटर का कामकाज भी प्रभावित रहा. इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

इन मांगों को लेकर हड़ताल पर थे जूनियर डॉक्टर

जूनियर डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में अस्पताल में सभी आवश्यक दवाओं और सर्जिकल आइटम की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना, बॉन्ड की अवधि तीन वर्ष से घटाकर एक वर्ष करना, बॉन्ड तोड़ने पर लगने वाली 25 लाख रुपये की पेनाल्टी घटाकर 10 लाख रुपये करना, स्टाइपेंड बढ़ाना और सीनियर रेजिडेंट की सेवा को बॉन्ड अवधि में शामिल करना शामिल था. डॉक्टरों का कहना था कि इन मांगों को लेकर वे पिछले दो वर्षों से लगातार स्वास्थ्य विभाग से बातचीत कर रहे थे, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया था.

JDA ने जनता और सरकार का जताया आभार

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा कि सरकार से मिले सकारात्मक आश्वासन और मरीजों के हित को देखते हुए हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया है. एसोसिएशन ने बिहार की जनता, चिकित्सा समुदाय, मीडिया और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस दौरान उनका सहयोग और समर्थन किया.

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