7 महीने का मृत भ्रूण, 2 लीटर जमा खून… फोर्ड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बचाई महिला की जान
Ford Hospital
Ford Hospital: नालंदा की रहने वाली एक महिला मरीज की हालत बेहद खराब हो गई थी. उसके गर्भाशय में सात माह के मृत शिशु, दो लीटर जमा खून और महज 3 ग्राम हीमोग्लोबिन था. फोर्ड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने इमरजेंसी सिजेरियन ऑपरेशन कर उनकी जान बचा ली. फिलहाल महिला की हालत में सुधार है.
Ford Hospital: सिलाव नालंदा की 26 साल की रीना देवी (बदला हुआ नाम) के गर्भाशय में सात माह के मृत शिशु और दो लीटर खून का थक्का जमा होने से उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी. हीमोग्लोबिन महज 3 ग्राम होने के बावजूद फोर्ड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने इमरजेंसी सिजेरियन ऑपरेशन कर महिला की जान बचा ली. स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह, डॉ. जागृति भारद्वाज के नेतृत्व में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सुधाकर, एनेस्थेटिस्ट डॉ. रवि की टीम ने सफल ऑपरेशन किया.
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डॉ. अनीता सिंह ने बताया कि यह महिला की पहला गर्भधारण था. फोर्ड हॉस्पिटल आने के पहले भी चिकित्सकों ने बीपी बढ़ने पर नियमित दवा लेने की सलाह दी थी, लेकिन महिला ने दवाएं नहीं लीं. इससे उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और जान का खतरा उत्पन्न हो गया.
उन्होंने बताया कि अस्पताल के आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और अन्य चिकित्सा कर्मियों की तत्परता तथा समन्वित प्रयासों से महिला की जान बचाई जा सकी. मरीज की स्थिति पहले से बेहतर है.
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