वक्फ बोर्ड ने पटना के इस गांव में जमीन पर किया दावा, 7 लोगों को भेजा नोटिस

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बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पटना के गोविंदपुर गांव में 21 डिस्मिल जमीन पर दावा किया था और जिला प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग की थी. उस वक्त कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी. अब वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर जारी राजनीति के बीच इस मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है.

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Bihar News: पटना से सटे फतुहा नगर परिषद के गोविंदपुर के वार्ड छह में बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड कई पुश्तैनी मकानों पर अपना दावा ठोकते हुए घर को खाली करने का नोटिस देने के साथ अपना बोर्ड भी लगा दिया है. नोटिस मिलते ही सात घर मालिकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है. बोर्ड द्वारा तीस दिन के भीतर जगह खाली करने का निर्देश जारी किया गया है.

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ग्रामीणों ने वक्फ बोर्ड के दावे को किया खारिज

बोर्ड में यह दर्शाया गया है कि खाता संख्या 128, 130 खेसरा संख्या 199, 217, 219 बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्ति है. इन जमीनों पर रहने वाले घर मालिकों का कहना है कि उनके पूर्वज इस जमीन पर सौ-डेढ़ सौ साल से रहते आये हैं व उनके वंशज अब भी कायम हैं. घर मालिकों ने बताया कि जब वक्फ बोर्ड से इस संपत्ति के होने का कोई प्रमाण मांगा गया तो कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया. पीड़ित लोग अपने पूर्वजों की संपत्ति को बचाने के लिए हाइकोर्ट की शरण ली है. हाईकोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए फिलवक्त जगह खाली करने के निर्देश पर स्थगन आदेश देते हुए रोक लगा दी है. इससे लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है.

पुराना है विवाद

यह मामला नया नहीं है. दिसंबर 2023 में वक्फ बोर्ड ने इस जमीन पर दावा किया था और जिला प्रशासन ने जमीन खाली करने का नोटिस भी जारी किया था, लेकिन तब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी. इस जमीन पर करीब 6-7 घर बने हुए हैं, जिनके बारे में ग्रामीणों का कहना है कि वे 1909 से ही इस जमीन पर काबिज हैं और उनके पास जमीन के सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं.

स्थानीय लोगों व ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में वार्ड नंबर 6 के वार्ड सदस्य मोहम्मद हासिम उर्फ बबलू यहां के वार्ड सदस्य थे 2023 नगर परिषद के चुनाव में मोहम्मद बबलू हार गये और उनकी जगह जितेंद्र कुमार उर्फ भोंटू साव वार्ड पार्षद बनें. लोगों का यह भी कहना है कि इसी खुन्नस को निकालने के लिए इस वार्ड के लोगों को पूर्व वार्ड पार्षद बबलू द्वारा वक्फ बोर्ड की ओर से नोटिस भेजा गया है.

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क्या बोले बोर्ड के सचिव

वहीं इस संदर्भ में पूर्व वार्ड पार्षद मोहम्मद मोहम्मद हाशिम उर्फ मोहम्मद बबलू ने बताया कि हम भले ही इस वक्त बोर्ड के सचिव के तौर पर नियुक्त हैं लेकिन इस मामले से मेरा कोई भी लेना-देना नहीं है. मेरे ऊपर जो आरोप लग रहे हैं कि जब से मैं नगर परिषद का चुनाव हारा है तब से यह मेरी साजिश है. यह बिल्कुल बेबुनियाद और निराधार है. न्यायालय का जो फैसला आयेगा वह सर्वमान्य होगा.

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