Bihar Land Sarvey : जमीन की बिक्री होने पर तुरंत घटेगा रकबा, जमाबंदी के लिए अब नहीं होगा आवेदन

Author Ashish jha
Updated:
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Bihar Land Sarvey : उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश की तरह बिहार में भी दो विभागों के समन्वय से नई व्यवस्था लागू की जा रही है. इसके साथ ही सरकार ने कई अन्य निर्देश जारी किया है. मंत्री रत्नेश सदा ने संबंधित अधिकारियों को नई व्यवस्था जल्द लागू करने का निर्देश जारी किया है.

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Bihar Land Sarvey : पटना. बिहार में जमीन-बिक्री को लेकर नया आदेश जारी किया है. सरकार ने यह तय किया है कि बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री होने पर विक्रेता के हिस्से का रकबा तत्काल घटेगा. इसके साथ ही जमाबंदी के लिए खरीदार को अलग से अंचल कार्यालय में आवेदन की जरूरत नहीं होगी. इसको लेकर उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश की तरह बिहार में दो विभागों के समन्वय से नई व्यवस्था लागू की जा रही है. इसके साथ ही सरकार ने कई अन्य निर्देश जारी किया है. मंत्री रत्नेश सदा ने संबंधित अधिकारियों को नई व्यवस्था जल्द लागू करने का निर्देश जारी किया है.

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रकबा को घटाकर होगी नयी जमाबंदी

सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि अब बिहार में भी जमीन की रजिस्ट्री होते ही जमाबंदी के लिए ऑनलाइन आवेदन अंचल कार्यालय में होगा. जहां विक्रेता के रकबा को घटाकर नयी जमाबंदी कायम की जाएगी. खरीदार अब निबंधन कार्यालय या अंचल कार्यालय कहीं से भी जमाबंदी का कागज ले सकेगा. जानकारी के अनुसार इसके लिए निबंधन विभाग और राजस्व विभाग के सॉफ्टवेयर को जोड़ा जा रहा है. पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तहत संपतचक, फतुहा, सकरा निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री के साथ ऑनलाइन जमाबंदी की सुविधा लागू की जाएगी. पायलट प्रोजेक्ट की सफलता मिलने के बाद के बिहार के अन्य रजिस्ट्री कार्यालयों में नई व्यवस्था लागू होगी.

जमाबंदी में सुधार कराने में लगेगा वक्त

बिहार में चल रहे जमीन सर्वे के बीच निबंधन विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि अंचल कार्यालय का रिकॉर्ड दुरूस्त नहीं है. कई लोगों की जमाबंदी संयुक्त है. किसी जमाबंदी में प्लॉट है, लेकिन रकबा शून्य है, जबकि कुछ प्लॉट की जमाबंदी में नाम गलत है. ऐसी समस्या वाली जमीन की खरीद-बिक्री होने पर निबंधन कार्यालय से रजिस्टर्ड डीड के साथ आवेदन देने पर जमाबंदी में सुधार कराने के लिए विक्रेता को अंचल कार्यालय से नोटिस जाएगा. इसको सुधार करने में समय लगेगा.

क्या है नयर व्यवस्था

किसी के पास 10 कट्ठा जमीन है. उसने इसमें से दो कट्ठा जमीन बेच दी पर अंचल कार्यालय में खरीदार के नाम जमाबंदी कायम नहीं हुई, तो विक्रेता के नाम पर एक साल बाद भी जमीन 10 कट्ठा ही दिखेगी. इसी जमीन को वह किसी दूसरे को दोबारा बेच सकता है. नए खरीदार चाहकर भी अंचल कार्यालय में जाकर भी विक्रेता के जमीन की वास्तविक जानकारी हासिल नहीं कर सकेंगे.

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