Bihar Land Survey: जमीन सर्वे के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन 36 लाख लोगों ने अब तक की स्वघोषणा

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Bihar Land Survey राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि बिहार में भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त तय कार्यक्रम एवं प्रक्रिया के मुताबिक चल रहा है. कुछ निहित स्वार्थी तत्व बेवजह अफवाह फैला रहे हैं.

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Bihar Land Survey राज्य में चल रहे जमीन सर्वे के लिए करीब 36 लाख लोगों ने प्रपत्र-2 भरकर स्वघोषणा दी है. इसमें करीब 25 लाख स्वघोषणा को सर्वे शिविरों में जाकर यानी ऑफलाइन और करीब 11 लाख ऑनलाइन दी गई है. यह जानकारी शुक्रवार को राज्य के सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की उच्च स्तरीय अधिकारियों की बैठक में सामने आई.

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इस बैठक की अध्यक्षता विभाग के सचिव जय सिंह ने की. इस दौरान ऑफलाइन मोड में प्राप्त आवेदनों को शीघ्र ऑनलाइन करने का निर्देश बंदोबस्त पदाधिकारियों का दिया गया है.इस बैठक में प्रपत्र-5 यानी खतियान का सार लिखने के काम की भी समीक्षा की गई. सभी जिला के 20526 मौजों में खतियान लिखने का काम शुरू किया गया है. इसमें 8737 मौजों में खतियान का सार यानी तेरीज लिखने का काम पूर्ण भी कर लिया गया है. खतियान लिखने के काम में तेजी लाने का निर्देश बंदोबस्त पदाधिकारियों को दिया गया.

43041 राजस्व गांवों की समीक्षा

इस बैठक में राज्य में जमीन सर्वेक्षण का काम हो रहे 43041 राजस्व गांवों की समीक्षा की गई. इन सभी गांवों में सर्वेक्षण की घोषणा कर दी गई है. इसमें से 42561 गांवों को ही निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है बाकी 480 मौजों को अगले एक सप्ताह में अपलोड करने का निर्देश बंदोबस्त पदाधिकारियों को दिया गया. बैठक से स्पष्ट हुआ कि कुल मौजों में से 41333 मौजों में ग्राम सभा का आयोजन किया जा चुका है, लेकिन निदेशालय की वेबसाइट पर 37974 मौजों को ही अपलोड किया गया है. वेबसाइट पर अपलोड करने के बाद मौजा में हुई सभा का फोटो और कार्यवाही देखी जा सकेगी.

सर्वे ट्रैकर ऐप से सर्वे कार्य मूल्यांकन का निर्देश

बैठक में सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों को बिहार सर्वे ट्रैकर एप की मदद से अपने कर्मियों के कार्यों का मूल्यांकन करने की निर्देश दिया गया. बिहार सर्वे ट्रैकर ऐप की मदद से अपने मोबाइल फोन के जरिए कोई भी रैयत अपने गांव में सर्वे की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर सकता है और उसमें भाग ले सकता है.

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गोपालगंज और पूर्वी चंपारण के बंदोबस्त पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

सचिव जय सिंह ने बताया कि कुछ जिलों विशेषकर गोपालगंज और पूर्वी चंपारण में स्वघोषणा की संख्या काफी कम संख्या में प्राप्त हुई है. वहां सर्वे की मॉनीटरिंग ठीक से नहीं की जा रही है. इसलिये वहां के बंदोबस्त पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देने का निर्देश निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप को दिया गया है.

क्या कहते हैं अधिकारी

विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि बिहार में भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त तय कार्यक्रम एवं प्रक्रिया के मुताबिक चल रहा है. कुछ निहित स्वार्थी तत्व बेवजह अफवाह फैला रहे हैं. आमलोगों को इसपर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. अभी स्वघोषणा का काम प्रदेश के 445 अंचलों में चल रहा है. साथ ही सभी मौजों का तेरीज लिखने का काम जारी है.

विभाग की कोशिश है कि लोग ऑनलाइन अपनी जमीन का ब्यौरा यानि स्वघोषणा सर्वे निदेशालय की वेबसाइट dlrs.bihar.gov.in पर अपलोड करें. जितना कागजात उपलब्ध है उसे ही प्रपत्र-2 के साथ संलग्न किया जाना है. अगर जमीन खतियानी है तो वंशावली खुद से बनाएं, कोई परेशानी नहीं होगी. वहीं बैठक में उपस्थित भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे प्रियदर्शिनी ने सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों को तकनीकी रूप से दक्ष होने की नसीहत दी. उन्होंने कहा कि सर्वे की सभी प्रक्रिया ऑनलाइन है इसलिए इसकी प्रगति की समीक्षा बगैर तकनीकी दक्षता के संभव नहीं है.

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