LPG क्राइसिस के बीच इंडक्शन के इस्तेमाल से बढ़ा इलेक्ट्रिसिटी लोड, जानिए PESU की तैयारी
पटना में इंडक्शन के इस्तेमाल से बढ़ा बिजली का लोड (सांकेतिक तस्वीर)
Bihar Electricity: पटना में एलपीजी क्राइसिस के बीच इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल बढ़ गया है. इसकी वजह से इलेक्ट्रिसिटी लोड लगभग 100 मेगावाट बढ़ गया है. लेकिन PESU की ओर से पहले ही इसे लेकर तैयारी कर ली गई है. क्या कहना है PESU के जीएम का आइए जानते हैं.
Bihar Electricity: एलपीजी क्राइसिस की वजह से लोग अब इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं. इंडक्शन चूल्हे के इस्तेमाल से PESU का इलेक्ट्रिसिटी लोड 100 मेगावाट तक बढ़ गया है. मार्च महीने में बीते साल 350 मेगावाट के आस-पास अधिकतम लोड रहा, जो बीते दो सप्ताह से बढ़कर 450 मेगावाट के आस-पास पहुंच गया है. जबकि बुधवार को यह 456 मेगावाट रहा.
आपके शहर में
कितने से कितने बजे के बीच बढ़ा लोड?
इंडक्शन चूल्हे के बढ़ रहे इस्तेमाल को बिजली का लोड बढ़ने की वजह मानने का एक बड़ा कारण अधिकतम लोड का समय है. पहले यह रात 10 से 12 के बीच होता था, जब अधिकतर लोग सोने जाते थे और एसी ऑन करते थे. लेकिन, अब अधिकतम लोड रात सात से नौ बजे के बीच रह रहा है, जो खाना बनाने का समय होता है. बुधवार को शाम सात बजे PESU के 11 में से चार ग्रिड और रात आठ बजे 6 ग्रिड का लोड अधिकतम था. एक ग्रिड का लोड रात नौ बजे अधिकतम था.
क्या कहना है PESU के जीएम का?
जीएम PESU दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि इंडक्शन चूल्हे का अधिक इस्तेमाल लोड बढ़ने की वजह हो सकता है. लेकिन इससे PESU को कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि बीते गर्मियों के 883 मेगावाट के अधिकतम लोड को ध्यान में रखते हुए हमने इस साल एक हजार मेगावाट तक लोड सहने को ध्यान में रखकर तैयारी की है और अभी तो लोड 500 मेगावाट से भी कम है.
ईरान-अमेरिका वॉर के बीच किल्लत
ईरान-अमेरिका वॉर और खाड़ी संकट के कारण एलपीजी की पूरे देश में किल्लत हो गई है. लेकिन प्रशासन की ओर से लगातार दावा किया जा रहा है कि एलपीजी सिलेंडर की कोई कमी नहीं है. इस बीच गैस चूल्हे की जगह पर बड़ी संख्या में लोग इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल करने लगे हैं और पटना शहर में भी ऐसे लोगों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ रही है.
Also Read: बिहार से दिल्ली, मुंबई और सूरत के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानिए कब से कब तक होगा परिचालन
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए