बिहार में शहरी आजीविका मिशन के कार्यक्रम सुस्त

Updated at : 23 Feb 2020 7:37 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार में शहरी आजीविका मिशन के कार्यक्रम सुस्त

पटना : राज्य में बीते चार वर्षों से चल रही दीनदयाल शहरी आजीविका मिशन के विभिन्न कार्यों की समीक्षा होगी. केंद्र के एनयूएलएम के निदेशक व तेलंगाना कैडर के आइएस अधिकारी संजय कुमार 28-29 फरवरी को राज्य में अब तक हुए कामों की समीक्षा करने आ रहे हैं. जानकारी के अनुसार शहरी नगर निकायों में […]

विज्ञापन
पटना : राज्य में बीते चार वर्षों से चल रही दीनदयाल शहरी आजीविका मिशन के विभिन्न कार्यों की समीक्षा होगी. केंद्र के एनयूएलएम के निदेशक व तेलंगाना कैडर के आइएस अधिकारी संजय कुमार 28-29 फरवरी को राज्य में अब तक हुए कामों की समीक्षा करने आ रहे हैं. जानकारी के अनुसार शहरी नगर निकायों में बनाये जाने वाले वेंडिंग जोन, गरीबों व बेघरों के लिए सेल्टर होम और राज्य में चल रहे कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा होगी. गौरतलब है कि राज्य के 42 नगर निकायों में वर्ष 2014 से योजना चलायी जा रही है. जिसे वर्ष 2016 में विस्तार कर सभी शहरी निकायों में किया गया है.
वेंडिंग जोन: एक भी पूरा नहीं : वेंडरों के लिए वेंडिंग जोन बनाने की स्थिति राज्य में बेहतर खराब है. पूरे निकायों में अब तक मात्र 16 जगहों पर वेंडिंग जोन स्वीकृत है. इसमें 10 जगहों पर काम अधूरा और रुका हुआ है. पटना में कंकड़बाग में 250 वेंडरों की क्षमता वाला वेंडिंग शेल्टर बनाया गया है, जबकि रिपोर्ट के अनुसार पूरे राज्य में 63231 वेंडर चिह्नित किये जा चुके हैं.
मेट्रो के रास्ते में आ रहे गरीबों के आश्रय स्थल : फिलहाल राज्य भर में 91 आश्रय स्थल बनाने का लक्ष्य रखा गया था. फिलहाल मात्र 48 आश्रय स्थल बनाने के लिए स्वीकृत है, जबकि 43 का जीर्णोद्धार किया जाना है. पटना में गरीबों के आश्रय स्थल 16 हैं. जानकारी के अनुसार मलाही पकड़ी से लेकर लगभग आधा दर्जन स्थल अब मेट्रो की राह में आ रहे हैं. मेट्रो का एलाइमेंट फाइनल होने के बाद उनको तोड़ा जा सकता है. गरीबों के लिए आश्रय स्थल बनाने के लिए योजना के तहत 27 करोड़ 63 लाख की राशि स्वीकृत है.
सिर्फ प्रशिक्षण नियोजन नहीं
कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत शहरी गरीबों को विभिन्न कार्यों में निपुण बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है. फिलहाल राज्य में 39 हजार आठ सौ 42 लोगों को प्रशिक्षण देने का दावा दिया जा रहा है. इनमें मात्र 3507 लोग प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद नियोजित हुए हैं, जबकि योजना के तहत प्रतिवर्ष 16 हजार पांच अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया जाना है और प्रति वर्ष आठ हजार 85 लोगों को नियोजित करना है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन