निजी स्कूलों में 7% से अधिक फीस वृद्धि नहीं : कमिश्नर

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : निजी स्कूलों में नामांकन से पहले कमिश्नर के आदेश ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है. शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में छह निजी स्कूलों की ओर से की गयी सात फीसदी से अधिक फीस की वृद्धि की मांग को खारिज कर दिया गया है. इन छह स्कूलों में बाल्डवीन सोफिया, बोरिंग रोड, बाल्डवीन एकेडमी, धवलपुरा, ट्रीनीटी ग्लोबल स्कूल, ट्रांसपोर्ट नगर, आरपीएस पब्लिक स्कूल, पटना-7, आरपीएस आवासीय स्कूल, दानापुर व आरपीएस गर्ल्स स्कूल, खगौल शामिल है.

क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पटना की अध्यक्षता में गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर समिति की ओर से शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया गया है. पटना कमिश्नर एसके अग्रवाल ने कहा कि सात प्रतिशत से अधिक की वृद्धि नहीं की जायेगी. अगर फीस में सात प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की जाती है, तो अभिभावक इसकी सूचना क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पटना व आयुक्त, पटना प्रमंडल को दे सकते हैं.
पुस्तक, ड्रेस व अन्य सामग्री स्कूल से लेने की बाध्यता नहीं होगी : कमिश्नर ने बैठक में कहा कि विद्यालयों में कक्षावार पुस्तकों की सूची, ड्रेस व अन्य अपेक्षित सामग्रियों की सूची सभी विद्यालय अपनी-अपनी वेबसाइट व सूचना पट्ट पर जारी करेंगे.
अभिभावक अपनी सुविधा अनुसार इसे कहीं से भी खरीद सकते हैं. विद्यालय द्वारा निर्धारित दुकान, स्थान व संस्था से ड्रेस, पुस्तकों और अन्य सामग्रियों का क्रय करना अनिवार्य नहीं होगा. कमिश्नर ने कहा है कि निजी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के फीस की तुलना में शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में सभी प्रकार के शुल्क में सात प्रतिशत से अधिक वृद्धि नहीं करनी है.
निजी विद्यालय अनिवार्य रूप से नियम का करेंगे पालनकमिश्नर की अध्यक्षता में निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम समिति की बैठक हुई. इसमें उन्होंने कहा कि सभी निजी विद्यालय अनिवार्य रूप से बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2019 का पालन करेंगे.
किसी भी निजी विद्यालय द्वारा विद्यालय के नामांकन शुल्क, पहले के नामांकन शुल्क, विकास शुल्क, मासिक ट्यूशन शुल्क, वार्षिक शुल्क (अगर कोई हो) आदि को मिलाकर पूरे साल में देने वाले कुल फीस में पिछले वर्ष के कुल फीस का सात प्रतिशत से अधिक वार्षिक वृद्धि नहीं की जायेगी.
बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2019 के अनुसार पूर्व शैक्षणिक वर्ष की तुलना में विद्यालय सभी प्रकार के शुल्क में अधिकतम सात प्रतिशत की ही वृद्धि स्वयं आवश्यकतानुसार कर सकते हैं. इसकी सूचना भी वे सूचना पट्ट व वेबसाइट पर देंगे.
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