बैंकों के विलय का बिहार की 1590 शाखाओं के ग्राहकों पर असर

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सुबोध कुमार नंदनपटना : सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय से बिहार के बैंकों की 1590 शाखाएं प्रभावित होंगी. इनमें से कुछ शाखाएं बंद होंगी, जबकि हजारों कर्मचारियों को ऐच्छिक सेवानिवृत्ति लेनी पड़ सकती है. पूर्व में भी बैंकों के विलय की वजह से आम आदमी की परेशानी बढ़ी है. बैंक यूनियनों के मुताबिक फिलहाल […]

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सुबोध कुमार नंदन
पटना : सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय से बिहार के बैंकों की 1590 शाखाएं प्रभावित होंगी. इनमें से कुछ शाखाएं बंद होंगी, जबकि हजारों कर्मचारियों को ऐच्छिक सेवानिवृत्ति लेनी पड़ सकती है. पूर्व में भी बैंकों के विलय की वजह से आम आदमी की परेशानी बढ़ी है. बैंक यूनियनों के मुताबिक फिलहाल सूबे में पंजाब नेशनल बैंक की 575, केनरा बैंक की 247, इंडियन बैंक की 66 और यूनियन बैंक की 159 शाखाएं हैं.

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क्रमश: यूनाइटेड बैंक की 92, ओबीसी की 52, सिंडिकेट बैंक की 66, आंध्रा बैंक की 47, कॉरपोरेशन बैंक की 43 और इलाहाबाद बैंक की 243 शाखाओं का विलय होगा. ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि पहले भी बैंकों के विलय हुए हैं. आम ग्राहकों की परेशानियां बढ़ी हैं.

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