पटना नगर निगम : प्रतिमाह ढाई करोड़ वसूली का है लक्ष्य, एक साथ पांच माह का देना होगा कचरा शुल्क
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : पटना नगर निगम क्षेत्र में कचरा शुल्क वसूलने का जनवरी से प्रावधान है. लेकिन, जनवरी से कचरा शुल्क वसूली की व्यवस्था नहीं की गयी. ऐसे में अब पांच-छह माह का एक मुश्त कचरा शुल्क वसूला जा रहा है. निगम प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रतिमाह दो से ढाई करोड़ रुपये कचरा शुल्क से […]
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पटना : पटना नगर निगम क्षेत्र में कचरा शुल्क वसूलने का जनवरी से प्रावधान है. लेकिन, जनवरी से कचरा शुल्क वसूली की व्यवस्था नहीं की गयी. ऐसे में अब पांच-छह माह का एक मुश्त कचरा शुल्क वसूला जा रहा है. निगम प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रतिमाह दो से ढाई करोड़ रुपये कचरा शुल्क से वसूली होगी, जिसे वाहनों के मेंटेनेंस, डीजल व अन्य कार्यों पर खर्च किया जा सके.
एक हजार से अधिक है शहर में छोटे-बड़े मैरेज हॉलों की संख्या : निगम क्षेत्र में हर वार्ड व मुहल्ले में छोटे-बड़े मैरेज हॉल संचालित हो रहे हैं. निगम अधिकारियों की ओर से कराये गये सर्वे के अनुसार मैरेज हॉल व कम्युनिटी हॉल की संख्या एक हजार से अधिक है.
इनसे प्रतिमाह ढाई हजार रुपये कचरा शुल्क के रूप में वसूलना है, जिससे 25 लाख रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य है. इसके साथ ही शहर में पांच लाख से अधिक मकान हैं, जिनमें पांच लाख से अधिक परिवार रह रहे है. प्रत्येक हाउस होल्ड से प्रतिमाह 30 रुपये की वसूली की जायेगी, जिससे निगम को करीब 1.5 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति होगी.
नगर निगम के कंकड़बाग, नूतन राजधानी अंचल व पाटलिपुत्र अंचल में तेजी से शुल्क वसूला जा रहा है. ऑनलाइन भुगतान की भी सुविधा है.
कचरा शुल्क
आवास : 30 रुपये
स्लम, बीपीएल परिवार व स्ट्रीट वेंडर : 00 रुपये
मिठाई दुकान व ढाबा-कॉफी हाउस : 100 रुपये
रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, हॉस्टल, स्टार होटल, व्यावसायिक कार्यालय, सरकारी कार्यालय, बैंक व इंश्योरेंस कार्यालय, कोचिंग व शैक्षणिक संस्था और लघु व मध्यम उद्योग : 500 रुपये,
क्लिनिक, डिस्पेंसरी व लैब : 250 रुपये
अस्पताल 50 बेड : 1500 रुपये
अस्पताल 50 बेड से अधिक : 3000 रुपये
गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, विवाह भवन, हॉल व मेला : 2500 रुपये
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