एक सीमा के बाद भूगर्भ जल के उपयोग पर लगेगी रोक

Updated at : 29 May 2019 5:49 AM (IST)
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एक सीमा के बाद भूगर्भ जल के उपयोग पर लगेगी रोक

पटना : राज्य में जल संकट को लेकर सरकार लगातार मॉनीटरिंग कर रही है. भूगर्भ जल के उपयोग को लेकर एक रेगुलेशन तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत एक सीमा के बाद उसके उपयोग पर रोक लगेगी. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने मंगलवार को चार विभागों के साथ राज्य में जल संकट को लेकर […]

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पटना : राज्य में जल संकट को लेकर सरकार लगातार मॉनीटरिंग कर रही है. भूगर्भ जल के उपयोग को लेकर एक रेगुलेशन तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत एक सीमा के बाद उसके उपयोग पर रोक लगेगी. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने मंगलवार को चार विभागों के साथ राज्य में जल संकट को लेकर समीक्षा की.

इसमें पीएचइडी, लघु जल संसाधन, नगर विकास एवं आवास और पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव शामिल थे. मुख्य सचिव ने इन विभागों को निर्देश दिया कि राज्य में जितने भी जल स्रोत हैं, सबका जीर्णोद्धार किया जाये. राज्य के तालाबों और पोखरों की खुदाई की जाये. सतही जल को ग्राउंड वाटर में बदलने की दिशा में भी पहल करने का निर्देश भी सभी विभागों को दिया गया. पंचायती राज विभाग को गांवों में बनने वाली नालियों में हर 50 मीटर के बाद एक शॉकपीट लगाने की व्यवस्था करने को कहा गया है.
इससे घर से निकलनेवाले जल से ग्राउंड वाटर को चार्ज किया जा सकेगा. इसी तरह से पीएचइडी को सभी नलों को ठीक करने को कहा गया है. नगर विकास एवं आवास विभाग को नगर निकायों में तालाबों की खुदाई का काम जल्द करने को कहा गया है. इससे बरसात के पानी से ग्राउंड वाटर को चार्ज किया जा सकेगा. इसी तरह से वाटर हार्वेसिंग के काम को बढ़ावा दिया जायेगा.
जिलों में बढ़ा जल संकट, 146 फुट तक गिरा वाटर लेवल
गर्मी बढ़ने के बाद बिहार के विभिन्न जिलों में जल संकट भी तेजी से बढ़ने लगा है. गया, जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद, कैमूर, शेखपुरा, जमुई व लखीसराय में वाटर लेवल में गिरावट होने से वहां के 18 हजार चापाकलों को दुरुस्त करने के लिए 450 लोगों की टीमें लगायी गयी हैं. पीएचइडी के इंजीनियरों के मुताबिक इन जिलों में सबसे खराब स्थिति जमुई की है, जहां नॉर्मल चापाकल धीरे-धीरे काम करना बंद कर रहा है.
विभाग औसतन यह मानता है कि 35 मीटर बाद चापाकल में पानी की परेशानी शुरू होने लगती है. वहीं, विभाग को आठ जिलों से मिली रिपोर्ट में दिखाया गया है कि जमुई में 106 फुट, नवादा 108 फुट, गया में 128 फुट और औरंगाबाद में 114 फुट तक वाटर लेवल पहुंच गया है. यहां चापाकल में पानी पकड़ना कम हो गया है.
इतना नीचे वाटर लेवल
बिहारशरीफ 127.6 फुट
हिलसा 151 फुट
गया 128 फुट
जहानाबाद 118 फुट
नवादा 108 फुट
औरंगाबाद 114 फुट
कैमूर 136 फुट
शेखपुरा 146 फुट
लखीसराय 117 फुट
जमुई 106 फुट
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