बिहार में बैंकों के 14 हजार 78 करोड़ रुपये एनपीए

Updated at : 02 Mar 2019 4:40 AM (IST)
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बिहार में बैंकों के 14 हजार 78 करोड़ रुपये एनपीए

पटना : राज्य में सभी निजी और सरकारी बैंकों ने एक लाख 25 हजार 70 करोड़ के कर्ज दिसंबर 2018 तक बांटे हैं. इसमें 14 हजार 78 करोड़ यानी 11.26 फीसदी लोन एनपीए (नन-परफॉर्मिंग एसेट) के रूप में फंसे हुए हैं. कर्ज के तौर पर बांटे गये इन रुपये की न तो रिकवरी हो पा […]

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पटना : राज्य में सभी निजी और सरकारी बैंकों ने एक लाख 25 हजार 70 करोड़ के कर्ज दिसंबर 2018 तक बांटे हैं. इसमें 14 हजार 78 करोड़ यानी 11.26 फीसदी लोन एनपीए (नन-परफॉर्मिंग एसेट) के रूप में फंसे हुए हैं. कर्ज के तौर पर बांटे गये इन रुपये की न तो रिकवरी हो पा रही है और न ही इनकी प्रति महीने किस्त ही संबंधित बैंकों को मिल रही है.
इसमें 272 करोड़ रुपये ऐसे हैं, जिनसे बैंकों ने वसूली की आस छोड़ दी है. 2017 की तुलना में 2018 में एनपीए की दर में 65 अंकों से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. दिसंबर 2017 तक कुल वितरित किये गये ऋण में एनपीए 10.23 प्रतिशत था, जो दिसंबर 2018 में बढ़कर 11.26 प्रतिशत हो गया है.
सबसे ज्यादा कृषि सेक्टर के ऋण में कुल एनपीए 14 हजार 78 करोड़ का 18.39 प्रतिशत फंसा हुआ है. हालांकि मध्यम एवं लघु उद्योग और बड़े उद्योगों को दिये गये कर्ज को मिला दिया जाये, तो यह 21 फीसदी के आसपास है. प्राथमिक सेक्टर में एनपीए 14.63 प्रतिशत और गैर-प्राथमिक सेक्टर में एनपीए 2.56 प्रतिशत है.
पांच लाख से ज्यादा सर्टिफिकेट केस लंबित
सभी बैंकों ने एक लाख 25 हजार 70 करोड़ रुपये के लोन बांटे
बैंकों के 11.26 प्रतिशत लोन एनपीए के रूप में फंसे
राज्य में एनपीए हुए लोन की वसूली के लिए बैंकों के पांच लाख 80 हजार से ज्यादा सर्टिफिकेट केस लंबित हैं. वित्त विभाग की सख्ती के बावजूद निष्पादन की रफ्तार बेहद धीमी है.
2018-19 की तीसरी तिमाही तक दर्ज 20 हजार 296 मामलों में मात्र चार हजार 735 मामलों का ही निबटारा हो सका
2017 की तुलना में 2018 में एनपीए की दर में
अंकों से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है
ग्रामीण बैंकों में एनपीए सबसे ज्यादा
राज्य में सबसे ज्यादा एनपीए ग्रामीण बैंकों का है. उत्तर बिहार, मध्य बिहार और बिहार ग्रामीण बैंकों के एनपीए को जोड़ने पर यह कुल एनपीए का 73.72 प्रतिशत हो जाता है. अकेले उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक का 30.37 प्रतिशत, बिहार ग्रामीण का 26.30 और मध्य बिहार का 17.05 प्रतिशत होगा. सबसे ज्यादा एनपीए ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का 34.03 प्रतिशत है. दूसरे नंबर पर उत्तर बिहार और तीसरे नंबर पर पंजाब नेशनल बैंक 29.09 प्रतिशत है.
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