पटना : आठ साल बाद भी अधूरा है आइजीआइसी का नया भवन

Updated:
विज्ञापन

पटना : बिहार के हृदय रोगियों को बाहर इलाज के लिए नहीं जाना पड़े और इसे देश का सबसे बड़ा हृदय रोग अस्पताल बनाने को ध्यान में रख कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आइजीआइसी के नये भवन का उद्घाटन 15 मई, 2010 को किया. लेकिन आठ साल बाद भी भवन का काम अधूरा है. अब […]

विज्ञापन
पटना : बिहार के हृदय रोगियों को बाहर इलाज के लिए नहीं जाना पड़े और इसे देश का सबसे बड़ा हृदय रोग अस्पताल बनाने को ध्यान में रख कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आइजीआइसी के नये भवन का उद्घाटन 15 मई, 2010 को किया. लेकिन आठ साल बाद भी भवन का काम अधूरा है.
अब भी मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर जाना पड़ रहा है. जब भी अधिकारियों से पूछा जाता है, तो यही कहा जाता कि भवन पूरा हो चुका है और जल्द ही अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया जायेगा. यह भवन जी प्लस नाइन बनाया जा रहा है.
पूरा होने के बाद भी तुरंत शुरू नहीं होगा अस्पताल
यदि मार्च तक भवन का काम पूरा भी हो जाता है, तब भी अस्पताल तुरंत शुरू नहीं हो पायेगा. क्योंकि इतने बड़े अस्पताल के लिए उतना ही बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर भी चाहिए, जो तुरंत संभव नहीं है. अत: अस्पताल के शुरू होने में अभी एक साल का समय और लग जायेगा.
नये भवन का ऐसा होगा ढांचा
350 बेडों का होगा
अस्पताल
100 बेडों का एक पूरा फ्लोर इमरजेंसी
30 बेडों से अधिक का ओटी और चार कैथ लैब
50 बेड और कैथ लैब अलग से हृदय रोगी बच्चों के लिए
ये होंगी सुविधाएं
ओपीडी रजिस्ट्रेशन के लिए अलग से 20 काउंटर
वेटिंग एरिया में 200 से
अधिक कुर्सियां भी लगायी जायेंगी.
मरीजों की सुविधा के लिए साउंड सिस्टम व इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड
कैंटीन व भर्ती मरीज के परिजनों के लिए रहने की सुविधा.
क्या कहते हैं अधिकारी
आइजीआइसी का काम लगभग पूरा हो गया है. अस्पताल प्रशासन को मार्च तक भवन सौंप दिया जायेगा. अभी बिल्डिंग में बिजली का काम चल रहा है.
कश्यप कुमार गुप्ता,
मुख्य अभियंता, पटना
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन