बड़ा फैसला : आवासीय या व्यावसायिक श्रेणी में ही जमीन की होगी रजिस्ट्री, कृषि भूमि का प्रावधान खत्म

Updated at : 23 Nov 2018 7:50 AM (IST)
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बड़ा फैसला : आवासीय या व्यावसायिक श्रेणी में ही जमीन की होगी रजिस्ट्री, कृषि भूमि का प्रावधान खत्म

सुमित कुमार पटना : पटना महानगर क्षेत्र (मेट्रोपोलिटन प्लानिंग एरिया) के अधीन पड़ने वाले मौजों में अब आवासीय या व्यावसायिक श्रेणी में ही जमीन की रजिस्ट्री होगी.पटना जिला प्रशासन ने बिहार गजट में प्रकाशित पटना महानगर क्षेत्र की अधिसूचना को आधार मानते हुए इस क्षेत्र में कृषि भूमि श्रेणी का प्रावधान खत्म करते हुए समस्त […]

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सुमित कुमार
पटना : पटना महानगर क्षेत्र (मेट्रोपोलिटन प्लानिंग एरिया) के अधीन पड़ने वाले मौजों में अब आवासीय या व्यावसायिक श्रेणी में ही जमीन की रजिस्ट्री होगी.पटना जिला प्रशासन ने बिहार गजट में प्रकाशित पटना महानगर क्षेत्र की अधिसूचना को आधार मानते हुए इस क्षेत्र में कृषि भूमि श्रेणी का प्रावधान खत्म करते हुए समस्त क्षेत्र को आवासीय या व्यावसायिक श्रेणी का माना है. जिला अवर निबंधक सत्यनारायण चौधरी ने इस संबंध में 19 नवंबर को ही पटना सिटी, दानापुर, बिक्रम, मसौढ़ी व फुलवारीशरीफ के अवर निबंधकों को निर्देश जारी किये हैं.
महंगी हो जायेगी जमीन की रजिस्ट्री : जिला प्रशासन के इस निर्देश से इलाके में जमीन की रजिस्ट्री महंगी हो जायेगी. पटना महानगर क्षेत्र के जिन इलाकों में अब तक कृषि भूमि के नाम पर रजिस्ट्री हो रही थी, अब वहां न्यूनतम आवासीय श्रेणी में रजिस्ट्री होने से रजिस्ट्रेशन शुल्क ढाई से छह गुणा तक बढ़ जायेगा. उदाहरण के तौर पर पुनपुन के अलावलपुर में न्यूनतम 24500 रुपये प्रति डिसमिल की जगह 60 हजार रुपये प्रति डिसमिल, फतुहा के कोलहर में 10500 रुपये व दौलतपुर में 14500 रुपये की जगह 60 हजार रुपये प्रति डिसमिल, नौबतपुर के बेदौली में 23100 रुपये की जगह 68 हजार रुपये और बिहटा के विलाप में 21 हजार रुपये की जगह 50400 रुपये प्रति डिसमिल का न्यूनतम शुल्क लगेगा. आवासीय मेन रोड या व्यावसायिक श्रेणी के मामले में यह शुल्क और अधिक होगा.
11.71 फीसदी भूमि शहरी कृषि के लिए निर्धारित
पटना महानगर क्षेत्र की अधिसूचना के मुताबिक आयोजना क्षेत्र की 1167. 04 वर्ग किमी क्षेत्रफल में सर्वाधिक 333.82 वर्ग किमी भूमि आवासीय क्षेत्र के लिए चिह्नित है.
इसमें शहरी कृषि भूमि के तौर पर 134.06 यानि 11.71 फीसदी एरिया रखा गया है. महानगर क्षेत्र में कुल 13 प्रखंड और 581 प्रशासनिक इकाइयां आती हैं. इसमें पटना नगर निगम, दानापुर, खगौल, फुलवारीशरीफ नगर परिषद व मनेर, फतुहा नगर पंचायत सहित कुल छह शहरी प्रशासनिक इकाइयां जबकि शेष 575 ग्रामीण प्रशासनिक इकाइयां हैं.
अवर निबंधकों को आवासीय व व्यावसायिक श्रेणी में ही रजिस्ट्री का निर्देश
पटना महानगर क्षेत्र की सीमा
उत्तर : पश्चिमी छोर में मनेर प्रखंड के रामपुर, हल्दीछपरा से होकर गंगा नदी में अवस्थित भू-भाग से होते हुए पूर्वी छोर में खुशरूपुर प्रखंड के हरदासपुर बिगहा तक.
दक्षिण : पश्चिमी छोर में बिहटा प्रखंड के नत्थुपुर, मथुरामपुर, तरवन होकर नौबतपुर प्रखंड के चैनपुरा, मिश्रीचक, खरौना, मसौढ़ी प्रखंड के चक सदुल्लाह, पुनपुन प्रखंड के कुतुबपुर, नेवारचक, बांवक, सुंदरपुर, धनरूआ प्रखंड के चकजोहरा, फतुहा प्रखंड के नंदाचक होते हुए पूर्वी छोर में दौलतपुर (प्रखंड फतुहा) तक.
पूरब : दक्षिणी छोर में फतुहा प्रखंड के दौलतपुर से जमालपुर, दनियावां प्रखंड के किसमरिया होते हुए उत्तरी छोर में खुशरूपुर प्रखंड के हरदासपुर बिगहा तक.
पश्चिम : दक्षिणी छोर में बिहटा प्रखंड के नत्थुपुर से कौरिया, पाली होते हुए उत्तरी छाेर में मनेर प्रखंड में हल्दीछपरा तक.
पटना मेट्रोपोलिटन एरिया में जमीन की प्रकृति परिभाषित है. इससे इतर अब जमीन की रजिस्ट्री नहीं करायी जा सकेगी. आवासीय क्षेत्र की जमीन को कृषि क्षेत्र में दिखा कर रजिस्ट्री करायेंगे तो कार्रवाई होगी.
-कुमार रवि, डीएम, पटना.
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