हैकर्स का बंधक बन गया है आईआरसीटीसी का टिकट बुकिंग सिस्टम!
Updated at : 25 Oct 2018 8:13 AM (IST)
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पटना : रेलवे बोर्ड का ई-टिकट दलाली पर अंकुश लगाने का तमाम प्रयास बेमतलब साबित हो रहा है. दरअसल पेशेवर्स हैकर्स आईआरसीटीसी के ई-टिकट बुकिंग को एक तरह से बंधक सा बना लिया है. इसके चलते अभी भी दलाल साइबर कैफे मेें बैठे-बैठे करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहे हैं. इस तरह की गतिविधियों से जुड़े […]
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पटना : रेलवे बोर्ड का ई-टिकट दलाली पर अंकुश लगाने का तमाम प्रयास बेमतलब साबित हो रहा है. दरअसल पेशेवर्स हैकर्स आईआरसीटीसी के ई-टिकट बुकिंग को एक तरह से बंधक सा बना लिया है. इसके चलते अभी भी दलाल साइबर कैफे मेें बैठे-बैठे करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहे हैं.
इस तरह की गतिविधियों से जुड़े साइबर कैफे न केवल पटना बल्कि देश के बड़े महानगरों में संचालित है. सूत्रों के मुताबिक पुलिस की तमाम छापेमारी के बाद ये टिकट के दलाल अपने टूर एवं ट्रेवल्स सेंटर्स छोड़कर छोटे-छोटे साइबर कैफे में शिफ्ट हो गये हैं.
छोटे शहरों में उनकी सक्रियता हाल के महीनों में सामने आयी है. पटना में पिछले 15 दिनों में चार साइबर कैफे में छापेमारी की गयी, जिसमें संचालक की गिरफ्तारी के साथ लाखों के आरक्षण टिकट जब्त किये गये. बावजूद दलालों पर अंकुश नहीं लग रहा है.
साइबर कैफे में ज्यादा हो रहा टिकट का खेल
साइबर कैफे संचालक इल्लीसिट नामक सॉफ्टवेयर के बाद रेड मिर्ची का भी उपयोग करते हैं, जिसकी कीमत 12 से 15 हजार है. टिकट दलाल इन सॉफ्टवेयर को बेंगलुरु व चैन्नई से मंगवा रहे हैं. इसका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है.
इस सॉफ्टवेयर को टिकट दलाल अपने कंप्यूटर में इंस्टॉल करते हैं, जिससे आईआरसीटीसी की वेबसाइट की गति तेज हो जाती है. वहीं, पर्सनल आईडी से अनलिमिटेड टिकट बुक करने लगते हैं. आम रेल यात्री आईआरसीअीसी की लॉगिंग एकाउंट से सीमित टिकट ही बुक करा सकते हैं.
बढ़ गयी है कन्फर्म टिकट की डिमांड
दीपावली व छठपूजा के दौरान दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, पंजाब, अमृतसर आदि जगहों से आने-जाने वाले रेल यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है. इसमें सबसे अधिक दिल्ली व मुंबई से रेल यात्री आते-जाते हैं और स्थिति यह है कि दिल्ली-मुंबई की नियमित ट्रेनों में साढ़े तीन से चार सौ वेटिंग सूची लगातार है. आम रेल यात्री कन्फर्म टिकट को लेकर जद्दोजहद कर रहे हैं.
लेकिन, टिकट दलालों के पास विभिन्न ट्रेनों की कन्फर्म 200 से 250 टिकटें उपलब्ध हैं, जो दलाल ने अपने आईडी से बुक कराया है. एक सप्ताह पहले दिल्ली के आनंद विहार में संचालित साइबर कैफे में छापेमारी की गयी, तो 70 लाख रुपये के पर्सनल आईडी से बुक कराये टिकट जब्त किये गये.
सबसे बड़ा केंद्र
बिहार रेलवे सूत्रों के मुताबिक हाल ही में बोर्ड ने आईआरसीटीसी की वेबसाइट के फीचर्स में लगातार कुछ-न-कुछ बदलाव किये थे. लेकिन, हाइटेक टिकट दलालों ने उसकी भी काट खोज ली है. टिकट दलाल आईआरसीटीसी की वेबसाइट को हैक करने के लिए तरह-तरह के नये सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इन सॉफ्टवेयर के माध्यम से टिकट दलाल पर्सनल आईडी से अनगिनत आरक्षण टिकट बुक करते हैं. स्थिति यह है कि पर्व-त्योहार के दौरान वेबसाइट हैक करने वाले सॉफ्टवेयर और ई-टिकट दलाली का कारोबार करोड़ों में पहुंच गया है.
इसका सबसे बड़ा केंद्र बिहार है. क्योंकि, यहां की काफी आबादी दूसरे राज्यों में हैं, जो त्योहार खासतौर पर दुर्गापूजा, दीपावली एवं छठपूजा पर बिहार लौटते और वापस जाते हैं. पटना में अभी तक रेड मिर्ची और इल्लीसिट सॉफ्टवेयर पकड़े गये हैं.
टिकट दलाल मिर्ची व इल्लीसिट नामक सॉफ्टवेयर का उपयोग कर पर्सनल आईडी से ई-टिकट बुक करते हैं. इसका खुलासा हाल में किये गये छापेमारी में हुई है. इस सॉफ्टवेयर का बाजार बड़ा हो गया है. दलालों पर नकेल कसने को लेकर सीआईबी व आरपीएफ की टीम काम रह रही है.
—चंद्रमोहन मिश्र, वरीय आरपीएफ कमांडेंट, दानापुर
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